निरीक्षण से पहले चमकी व्यवस्थाएं, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में अचानक दुरुस्त हुईं लिफ्टें

ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज स्थित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में लंबे समय से अव्यवस्थाओं से जूझ रहे मरीजों को उस समय हैरानी हुई, जब निरीक्षण टीम के पहुंचते ही हालात अचानक बदल गए। महीनों से खराब पड़ी लिफ्टें चालू हो गईं और अस्पताल की दीवारें व परिसर रातों-रात साफ-सुथरे नजर आने लगे।
नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फार हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स की टीम द्वारा अस्पताल का दो दिवसीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण से पहले प्रबंधन ने व्यवस्थाएं दुरुस्त दिखाने के लिए तेजी से काम कराया। बताया गया कि आठ महीनों से बंद पड़ी पांच लिफ्टों में से तीन को आनन-फानन में चालू कर दिया गया, जबकि इससे पहले बजट और प्रस्ताव की कमी का हवाला दिया जा रहा था। दो लिफ्टें अब भी बंद हैं।
लिफ्ट खराब होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को स्ट्रेचर के सहारे रैंप से ऊपरी मंजिलों तक जाना पड़ता था, जिससे उन्हें भारी परेशानी होती थी। निरीक्षण के दौरान इन समस्याओं को अस्थायी रूप से दूर कर दिया गया।
अस्पताल में मौजूद अन्य खामियों को भी ढकने का प्रयास किया गया। कई जगहों पर गिरी हुई फाल्स सीलिंग को बदल दिया गया या पेंट कर छिपाया गया। निरीक्षण के समय स्टाफ पूरी तरह अनुशासित और सक्रिय नजर आया।
निरीक्षण टीम ने ओपीडी, पर्ची काउंटर, एक्स-रे, सोनोग्राफी और एमआरआई सेंटर समेत विभिन्न विभागों की जांच की। इलाज की गुणवत्ता, मेडिकल रिकॉर्ड और सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी परख की गई। इसके लिए मॉक ड्रिल और प्रेजेंटेशन भी कराया गया।
अस्पताल के कुछ कर्मचारियों का कहना है कि निरीक्षण के लिए किए गए सुधार स्थायी नहीं हैं और केवल दिखावे तक सीमित हैं। उनका मानना है कि बिना ठोस सुधार के सिर्फ कागजी मानकों पर खरा उतरना मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के लिए ठीक नहीं है।
निरीक्षण के बाद टीम अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर तय किया जाएगा कि अस्पताल की मान्यता बरकरार रहेगी या नहीं।





