सावन की शुरुआत पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब; हर-हर महादेव की गूंज से गूंजे मंदिर

दिल्ली। सावन मास 2025 की पावन शुरुआत आज से हो गई है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ पूर्णिमा के समापन के साथ ही 11 जुलाई से श्रावण मास का आरंभ हुआ। इस अवसर पर देशभर के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दिल्ली, वाराणसी, हरिद्वार, उज्जैन, अयोध्या सहित कई शहरों में श्रद्धालु भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए सुबह से ही कतार में लगे दिखे।
फूलों और भक्ति से सजे मंदिर
सावन के पहले दिन ही मंदिरों को फूलों, दीपों और रंग-बिरंगी लाइटों से भव्य रूप से सजाया गया है। मंदिरों में “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल, बेलपत्र, दूध, दही, शहद और गंगाजल अर्पित किया। इस वर्ष सावन 29 दिन का रहेगा, जो 11 जुलाई से 9 अगस्त तक चलेगा। सावन में चार सोमवार पड़ेंगे। इन दिनों को भगवान शिव की विशेष पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है। मान्यता है कि सावन के सोमवार को व्रत और पूजा करने से भगवान शिव सभी कष्टों को दूर कर देते हैं।
पहला सोमवार: 14 जुलाई
दूसरा सोमवार: 21 जुलाई
तीसरा सोमवार: 28 जुलाई
चौथा सोमवार: 4 अगस्त
पौराणिक मान्यताओं का महत्व
पौराणिक कथाओं के अनुसार, सावन मास में ही भगवान शिव ने माता पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। इसी कारण सावन मास में शिव-पार्वती की पूजा विशेष रूप से की जाती है। खासकर कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की कामना के लिए इस माह सोमवार का व्रत करती हैं।
भक्तों में उत्साह और आस्था का संगम
सावन के पहले दिन ही भोर से शिवालयों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। भक्तों ने पूरे नियम और श्रद्धा के साथ भगवान शिव का अभिषेक किया। महिलाएं पारंपरिक परिधान में नजर आईं और युवाओं में भी भोले बाबा के प्रति विशेष भक्ति देखने को मिली। सावन के इस शुभ महीने में हर सोमवार को आस्था का यही संगम शिवालयों में बना रहेगा।





