असम बेदखली विवाद: अरशद मदनी बोले- अभियान दुर्भाग्यपूर्ण, CM सरमा ने दी कड़ी चेतावनी

असम। असम के गोलपाड़ा जिले में चल रहे बेदखली अभियान को लेकर सियासत तेज हो गई है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने मंगलवार को कहा कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के नियमों का उल्लंघन है और इसे व्यवस्था के भीतर रहकर किया जाना चाहिए। मदनी ने कहा कि सरकार को नफरत फैलाने वाले तरीके से नहीं बल्कि कानूनी और मानवीय दृष्टिकोण से काम करना चाहिए।
हालांकि, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मदनी के बयान को खारिज करते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “मदनी कौन हैं? क्या खुदा हैं? ज्यादा करेंगे तो जेल भेज दूंगा। मुख्यमंत्री मैं हूं, मदनी नहीं।” सरमा ने यह भी कहा कि कांग्रेस के समय में ही मदनी की बहादुरी दिखाई देती है, भाजपा के शासन में नहीं।
मदनी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल गोलपाड़ा के उन इलाकों में गया, जहां से कथित अवैध रहवासियों को हटाया गया। मदनी ने मीडिया से कहा कि यह अभियान “दर्दनाक और निंदनीय” है क्योंकि इससे समुदाय और देश की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई समाज में नफरत और विभाजन को बढ़ावा देती है।
इधर, सीएम सरमा ने साफ किया कि जमीन पर अतिक्रमण करने वालों का यही अंजाम होगा। उन्होंने कहा कि बाहरी लोग जमीन के मुद्दे पर ग्रामीणों को गुमराह करते हैं और बाद में भाजपा को दोषी ठहराते हैं।
मदनी ने पलटवार करते हुए कहा कि जमीयत अतिक्रमण हटाने का विरोध नहीं करती, लेकिन अन्याय और क्रूरता के खिलाफ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण या विकास कार्यों के लिए जमीन की जरूरत होती है, लेकिन सभी बेदखली सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार होनी चाहिए।





