Apple का AI आधारित बैटरी मैनेजमेंट फीचर, iPhone यूजर्स की बैटरी समस्याओं का समाधान

दिल्ली। Apple ने iPhone यूजर्स की सबसे बड़ी परेशानी – बैटरी बैकअप – का अब तकनीकी समाधान खोज लिया है। कंपनी जल्द ही अपने अपकमिंग iOS 19 अपडेट के साथ एक नया AI आधारित बैटरी मैनेजमेंट फीचर लॉन्च करने जा रही है, जो iPhone की बैटरी परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने में मदद करेगा। इस कदम से यूजर्स को लंबे समय तक बैटरी बैकअप मिलेगा और बार-बार चार्जिंग की जरूरत भी कम हो जाएगी।
बैटरी पर फोकस कर रहा है Apple
Apple पहले से ही अपने डिवाइसेज में बेहतर कैमरा, तेज प्रोसेसिंग और एडवांस AI फीचर्स के लिए जाना जाता है। अब कंपनी का ध्यान बैटरी मैनेजमेंट पर केंद्रित है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, iOS 19 के साथ आने वाला यह नया फीचर iPhone के पावर यूसेज को यूजर की जरूरत के मुताबिक डायनमिक तरीके से कंट्रोल करेगा। यह सिस्टम बैकग्राउंड ऐप्स, स्क्रीन ऑन-टाइम और यूजर बिहेवियर को समझकर अनावश्यक पावर खपत को रोकने में सक्षम होगा।
पहले से मौजूद Optimised Battery Charging से अलग
वर्तमान में iPhones में मौजूद Optimised Battery Charging फीचर बैटरी हेल्थ को सुरक्षित रखने के लिए चार्जिंग पैटर्न को मॉनिटर करता है। लेकिन नया AI फीचर इस पर एक कदम आगे बढ़ते हुए बैटरी की ओवरऑल परफॉर्मेंस और बैकअप को बेहतर बनाने पर केंद्रित होगा। यह तकनीक iPhone को ज्यादा स्मार्ट बनाएगी और यूजर को यह सोचने से राहत देगी कि बैटरी कब खत्म होगी।
Android से तुलना
गौरतलब है कि Google ने पहले ही साल 2018 में अपने Android ऑपरेटिंग सिस्टम में Adaptive Battery फीचर लॉन्च कर दिया था, जो मशीन लर्निंग की मदद से बैकग्राउंड ऐप्स और यूजर बिहेवियर को समझकर बैटरी सेव करता है। अब Apple भी उसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए iOS में AI की ताकत का इस्तेमाल कर रहा है।
नया UI फीचर भी होगा शामिल
iOS 19 में एक और उपयोगी फीचर जोड़ा जाएगा, जिसमें लॉक स्क्रीन पर यह दिखाया जाएगा कि डिवाइस को फुल चार्ज होने में कितना समय लगेगा। यह फीचर न सिर्फ यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाएगा बल्कि उन्हें चार्जिंग शेड्यूल को प्लान करने में भी मदद करेगा।
इन iPhone यूजर्स को मिलेगा फायदा
Apple का यह नया AI आधारित बैटरी मैनेजमेंट फीचर सबसे पहले iPhone 17 सीरीज में दिया जाएगा, जिसे कंपनी इस साल लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स की मानें तो iPhone 17 का डिजाइन पहले से ज्यादा स्लिम होगा और इसमें छोटी बैटरी दी जा सकती है। ऐसे में Apple इस बैटरी मैनेजमेंट फीचर के ज़रिए बैकअप को बेहतर बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।





