AMIT SHAH: शाह पहुंचे डोंगरगढ़, सिक्का और डाक टिकट किया जारी, बोले; आचार्य विद्यासागर का जीवन राष्ट्र को समर्पित

डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरी में आचार्य विद्यासागर महाराज की पहली पुण्यतिथि पर विनयांजलि समारोह का आयोजन किया गया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर कहा कि आचार्य विद्यासागर जी का हर क्षण और उनका शरीर का कण- कण राष्ट्र को समर्पित था। उन्होंने तप और साधना से भारत को विश्व में एक अलग पहचान दिलाई।

केंद्रीय गृहमत्री ने कहा, कि
“आचार्य विद्यासागर केवल संत नहीं, वे एक महान विद्वान थे।” शाह ने कहा, “आचार्य जी ने नए विचारों को जन्म दिया और देश को प्रेरित किया।”
इस अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने आचार्य विद्यासागर की तस्वीर वाला 100 रुपये का सिक्का और 5 रुपये का डाक टिकट भी जारी किया। विनयांजलि सभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बाद, अमित शाह ने चंद्रगिरी स्थित प्रतिभास्थली का दौरा किया और वहां जैन संतों के साथ भोजन ग्रहण किया। फिर वे मां बम्लेश्वरी मंदिर पहुंचे, जहां पूजा-अर्चना की।
इस मौके पर गृहमंत्री ने कहा कि “डोंगरगढ़ अब महातीर्थ बन चुका है”। आचार्य विद्यासागर महाराज की समाधि के बाद यह क्षेत्र एक धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध हो गया है।

आचार्य विद्यासागर का योगदान
18 फरवरी 2024 को आचार्य विद्यासागर महाराज ने चंद्रगिरी तीर्थ में समाधि ली थी। उनके योगदान के कारण, क्षेत्र में कई सामाजिक पहलें चल रही हैं, जैसे कि प्रतिभास्थली स्कूल (जो बेटियों की शिक्षा पर जोर देता है), हथकरघा उद्योग, और विराट गौशाला। आचार्य जी के जीवन को समर्पित इस क्षेत्र में कई लोग उनके विचारों से प्रेरित होकर सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं।





