महामाया मंदिर ट्रस्ट पर लगे आरोप बेबुनियाद, निष्पक्ष जांच की मांग

बिलासपुर। महामाया मंदिर ट्रस्ट ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर कहा कि मंदिर को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। ट्रस्टियों ने मांग की है कि 25 मार्च को रतनपुर स्थित महामाया मंदिर परिसर में कछुओं की मौत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कछुओं की मौत के बाद जांच जारी
25 मार्च को महामाया मंदिर परिसर के कुंड के बाहर करीब दो दर्जन कछुए मृत पाए गए। चूंकि कछुआ संरक्षित जीवों की श्रेणी में आता है, इसलिए इस घटना की जांच की मांग की गई। मामला हाई कोर्ट तक पहुंचने के बाद जांच शुरू की गई है।
मंदिर प्रबंधन पर लगाए जा रहे आरोप
जांच जारी होने के बावजूद कुछ लोग महामाया मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठा रहे हैं, जिससे ट्रस्टियों में नाराजगी है। शुक्रवार को ट्रस्ट के अध्यक्ष आशीष सिंह ठाकुर, उपाध्यक्ष सतीश शर्मा, मुख्य पुजारी एवं मैनेजिंग ट्रस्टी पंडित अरुण शर्मा, कोषाध्यक्ष रितेश जुनेजा, ट्रस्टी विनोद गोरख, शैलेंद्र जायसवाल और मंदिर के सहयोगी ए.पी. त्रिपाठी ने प्रेस क्लब में पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर प्रबंधन जांच में पूरा सहयोग कर रहा है और किसी भी तरह की गड़बड़ी में ट्रस्ट की कोई भूमिका नहीं है।
निष्पक्ष जांच की मांग
ट्रस्टियों ने कहा कि कुछ लोग मंदिर प्रबंधन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, जो गलत है। अध्यक्ष आशीष सिंह ठाकुर ने सवाल उठाया कि महामाया मंदिर ट्रस्ट इस मामले में कैसे शामिल हो सकता है? उन्होंने कहा कि मंदिर प्रबंधन किसी भी षड्यंत्र में शामिल नहीं है और जांच के बाद ही सच सामने आएगा।
सीसीटीवी में दिखा संदिग्ध व्यक्ति
ट्रस्टियों ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति मछली पकड़ता हुआ नजर आ रहा है, लेकिन मंदिर प्रबंधन उसे पहचानता नहीं है। इससे यह स्पष्ट होता है कि इस घटना में किसी साजिश की बू आ रही है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी जरूरी है।
मंदिर ट्रस्ट ने प्रशासन से अपील की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। ट्रस्टियों ने भरोसा दिलाया कि मंदिर प्रबंधन जांच में पूरी तरह सहयोग करेगा और इस मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।





