अहमदाबाद प्लेन क्रैश केस: जांच में ह्यूमन फेक्टर स्पेशलिस्ट्स शामिल, हादसे में हुई थी 274 लोगों की मौत

अहमदाबाद। एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जो 12 जून को दोपहर 1:38 बजे अहमदाबाद से उड़ान भरते ही 1:40 बजे क्रैश हो गई थी, उसकी जांच में अब ह्यूमन फेक्टर स्पेशलिस्ट्स को शामिल किया गया है।
यह जानकारी केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने संसद में दी। इन विशेषज्ञों की भूमिका दुर्घटनाओं के पीछे मानव व्यवहार से जुड़े कारणों की जांच करना और डिज़ाइन या प्रक्रिया में सुधार के सुझाव देना होता है।
यह निर्णय ऐसे समय पर लिया गया है जब अमेरिकी मीडिया हाउस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल ने जानबूझकर दोनों इंजनों की फ्यूल सप्लाई रोक दी थी। हालांकि, भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और अमेरिका के NTSB ने इस रिपोर्ट को गलत बताया।
मंत्री मोहोल ने बताया कि 2025 में अब तक आठ विमान हादसे हो चुके हैं, जिनमें 274 लोगों की जान गई है। इनमें 1 शेड्यूल्ड फ्लाइट, 3 ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट और 4 हेलिकॉप्टर शामिल हैं। साथ ही, पिछले पांच वर्षों में 2094 तकनीकी खामियों की जांच की गई। एयरलाइन ऑपरेटरों को किसी भी गंभीर खराबी की तत्काल सूचना DGCA को देना होता है। यदि सूचना छिपाई जाती है, तो DGCA जांच कर कार्रवाई करता है।
WSJ की रिपोर्ट के अनुसार, क्रैश से पहले कॉकपिट रिकॉर्डिंग में को-पायलट क्लाइव कुंदर ने घबराते हुए पूछा था, “आपने फ्यूल स्विच ‘कटऑफ’ क्यों किया?” इस पर कैप्टन सभरवाल शांत थे। यह संवाद शक पैदा करने वाला था, जिसके चलते अब जांच का दायरा बढ़ाया गया है।





