बोर्ड परीक्षा से पहले छात्रों को सलाह, नया न पढ़ें, रिवीजन और मानसिक संतुलन पर दें ध्यान

मध्य प्रदेश में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं नजदीक आते ही विद्यार्थियों में तनाव बढ़ता जा रहा है। परीक्षा की तैयारी और मानसिक दबाव को लेकर बड़ी संख्या में छात्र माध्यमिक शिक्षा मंडल की हेल्पलाइन से संपर्क कर रहे हैं। रोजाना सैकड़ों विद्यार्थी फोन कर यह जानना चाह रहे हैं कि कम समय में बेहतर तैयारी कैसे की जाए और तनाव से कैसे निपटा जाए।
काउंसलर्स का कहना है कि अब परीक्षा में सीमित समय बचा है, ऐसे में विद्यार्थियों को नया कुछ भी पढ़ने की बजाय अब तक पढ़े गए पाठ्यक्रम का ही रिवीजन करना चाहिए। सैंपल पेपर और पुराने प्रश्न पत्र हल करने से न सिर्फ अभ्यास बढ़ता है, बल्कि प्रश्नों के पैटर्न को समझने में भी मदद मिलती है। दिन-रात पढ़ाई करने के बजाय संतुलित दिनचर्या अपनाने और पर्याप्त नींद लेने की सलाह दी जा रही है।
मनोविज्ञानियों के अनुसार आजकल कई विद्यार्थी खुद से बहुत अधिक अपेक्षाएं रखने लगे हैं। तैयारी पूरी न होने के बावजूद टॉपर बनने का दबाव वे खुद पर डाल लेते हैं, जिससे तनाव और अवसाद जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि विद्यार्थियों को अपनी तैयारी का वास्तविक आकलन कर उसी अनुसार लक्ष्य तय करना चाहिए और जितनी पढ़ाई हो चुकी है, उससे संतुष्ट रहना चाहिए। अभिभावकों को भी बच्चों पर अतिरिक्त दबाव बनाने से बचना चाहिए।
हेल्पलाइन पर छात्रों और अभिभावकों से जुड़े कई सवाल सामने आ रहे हैं। कुछ छात्र नींद न आने, भूख न लगने और परीक्षा के डर की बात कर रहे हैं, तो कुछ अभिभावक बच्चों की सोशल मीडिया की लत को लेकर चिंता जता रहे हैं। काउंसलर्स ऐसे मामलों में बच्चों को स्क्रीन टाइम कम करने, पढ़ाई पर फोकस करने और नियमित दिनचर्या अपनाने की सलाह दे रहे हैं।
उच्च गणित जैसे विषयों को लेकर डरने वाले छात्रों को भी समझाया जा रहा है कि प्रश्न पत्र तय पैटर्न के अनुसार होते हैं और सैंपल पेपर से अभ्यास करने पर आत्मविश्वास बढ़ता है। इसके साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि परीक्षा जीवन का एक पड़ाव है, इसे सामान्य वार्षिक परीक्षा की तरह ही लेना चाहिए और अनावश्यक भय मन से निकाल देना चाहिए।
माध्यमिक शिक्षा मंडल की हेल्पलाइन सुबह से रात तक संचालित हो रही है, जहां विद्यार्थियों को तनाव मुक्त रहने के उपाय, परीक्षा से जुड़ी जानकारी और पढ़ाई से संबंधित मार्गदर्शन दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि छात्र मानसिक रूप से संतुलित रहेंगे और व्यवस्थित तरीके से रिवीजन करेंगे, तो वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।





