अबू धाबी BAPS हिंदू मंदिर के 2 साल, 40 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

अबू धाबी BAPS हिंदू मंदिर ने अपने दो वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस दौरान यह आध्यात्मिक सेवा, सांस्कृतिक समरसता और वैश्विक सद्भाव का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में बताया गया कि अब तक 100 से अधिक देशों के 40 लाख से ज्यादा श्रद्धालु यहां दर्शन कर चुके हैं।
14 फरवरी को मनाए गए स्थापना दिवस कार्यक्रम में 8,000 से अधिक भक्तों, अतिथियों, राजनयिकों और परिवारों ने भाग लिया। समारोह का विषय था “मंदिर: हमारा परिवार, हमारा भविष्य”, जिसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यह केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि परिवारों और समुदायों को जोड़ने वाला जीवंत केंद्र है।
महंत स्वामी महाराज के प्रतिनिधि के रूप में स्वामी ब्रह्मविहारीदास ने मुख्य संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि जैसे एक बालक दो वर्ष में बोलना शुरू करता है, उसी तरह अबू धाबी BAPS हिंदू मंदिर ने भी विश्व से संवाद शुरू कर दिया है। उनका कहना था कि मंदिर का मूल संदेश सद्भाव और एकता है, जो दुनियाभर से आने वाले लोगों के दिलों में गूंज रहा है।
कार्यक्रम के दौरान यूएई में सांस्कृतिक समरसता के समर्थक शेख नहयान बिन मुबारक अल नहयान को भी सम्मानित किया गया। उन्होंने मंदिर को साझा मानवीय मूल्यों और भारत-यूएई मित्रता का सशक्त प्रतीक बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मंदिर आने वाली पीढ़ियों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन और सामाजिक प्रेरणा देता रहेगा।
अबू धाबी BAPS हिंदू मंदिर पारंपरिक शिल्पकला और आधुनिक स्थापत्य का अद्भुत संगम है। यह न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि विभिन्न संस्कृतियों के बीच संवाद और सहयोग का उदाहरण भी है। राजनयिकों ने इसे परंपरा और आधुनिक कूटनीति के बीच एक सेतु बताया।
कार्यक्रम में शामिल परिवारों ने कहा कि यह मंदिर उनके लिए आध्यात्मिक घर जैसा बन गया है, जहां सेवा और संस्कार के माध्यम से पारिवारिक रिश्ते और मजबूत होते हैं।
अपने तीसरे वर्ष में प्रवेश करते हुए अबू धाबी BAPS हिंदू मंदिर इस संदेश को और सशक्त कर रहा है कि आस्था, सेवा और एकता के जरिए वैश्विक शांति और समरसता को बढ़ावा दिया जा सकता है।





