जगदलपुर में रैली के दौरान नक्सली हिड़मा के नाम पर बजा गाना, वीडियो वायरल होने के बाद उठे सवाल

जगदलपुर में भूमकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित आदिवासी समाज की रैली के दौरान डीजे पर नक्सली नेता माड़वी हिड़मा के नाम से जुड़ा गीत बजने का मामला सामने आया है। इस दौरान रैली में मौजूद लोग गाने की धुन पर नाचते रहे। कार्यक्रम में भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस भी मौके पर मौजूद थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने इस पर सवाल उठाए हैं।
जानकारी के अनुसार, भूमकाल स्मृति दिवस पर आदिवासी समाज ने रैली का आयोजन किया था, जिसमें पारंपरिक और ट्राइबल गीत बजाए जा रहे थे। इसी दौरान यूट्यूब पर ऑटो प्ले के जरिए अचानक हिड़मा से संबंधित गीत बजने लगा। आयोजकों का कहना है कि यह गाना जानबूझकर नहीं चलाया गया था और डीजे ऑपरेटर द्वारा ट्राइबल सॉन्ग सर्च करने के दौरान यह गीत स्वतः चल गया।
सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने कहा कि इस घटना की जानकारी उन्हें बाद में मिली और उन्होंने इस मामले में पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर जांच की मांग की है। उनका कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक आयोजन था और किसी भी प्रकार से विवाद पैदा करना नहीं था।
बताया जाता है कि माड़वी हिड़मा प्रतिबंधित नक्सली संगठन की सेंट्रल कमेटी का सदस्य था और उस पर एक करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित था। वह छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला था और नवंबर 2025 में आंध्र प्रदेश के अल्लुरी सीतारामा राजू जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में मारा गया था।
हिड़मा को वर्ष 2010 में दंतेवाड़ा में हुए नक्सली हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है, जिसमें 76 जवान शहीद हुए थे। यह हमला नक्सल इतिहास के सबसे बड़े हमलों में से एक था।
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए तथ्यों की जांच कर रहे हैं, वहीं आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह घटना तकनीकी कारणों से हुई और इसका कोई जानबूझकर उद्देश्य नहीं था।





