मानसिक अस्पताल में भर्ती मरीज ने बाथरूम में लगाई फांसी, प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

राज्य के एकमात्र शासकीय मानसिक चिकित्सालय सेंदरी में भर्ती एक मरीज ने अस्पताल के बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। मृतक महासमुंद जिले का निवासी बताया जा रहा है, जिसे एक दिन पहले ही इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान लखन लाल साव (35) पिता स्वर्गीय ईश्वर साव निवासी ग्राम बरना, जिला महासमुंद के रूप में हुई है। वह बाथरूम में गया और वहां रोशनदान में गमछा बांधकर फांसी लगा ली, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी।
इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि मानसिक रोगियों के लिए विशेष निगरानी और सुरक्षा इंतजाम किए जाते हैं, ताकि वे खुद को नुकसान न पहुंचा सकें। इससे पहले भी इस अस्पताल में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
छत्तीसगढ़ मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के महामंत्री मुन्ना लाल निर्मलकर ने आरोप लगाया कि अस्पताल के संचालन पर हर साल लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन मरीजों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उनका कहना है कि प्रदेश का यही एकमात्र शासकीय मानसिक चिकित्सालय है, जहां अलग-अलग जिलों से मरीज इलाज के लिए आते हैं, इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है।
पुलिस के अनुसार मरीज लखन लाल साव हाल ही में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुआ था और पहले भी दो-तीन बार आत्महत्या का प्रयास कर चुका था। मरीज के साथ उसकी पत्नी देखरेख के लिए मौजूद थी। सुबह मोबाइल को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद मरीज की पत्नी फोन पर बात करने लगी। इसी दौरान मरीज बाथरूम में गया और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।





