भाजपा में ‘नवीन’ युग का आगाज: निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष बने नितिन नवीन, 37 नेताओं ने किया समर्थन

दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी को नया राष्ट्रीय नेतृत्व मिल गया है। बिहार के कद्दावर नेता और छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन को सोमवार को भाजपा का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुन लिया गया। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव अधिकारी के. लक्ष्मण ने इसकी आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए नितिन नवीन के अलावा किसी अन्य नेता का नामांकन प्राप्त नहीं हुआ, जिससे उनका निर्विरोध चुना जाना तय हो गया।
नितिन नवीन की उम्मीदवारी को पार्टी के भीतर व्यापक समर्थन मिला। उनके पक्ष में कुल 37 नामांकन सेट दाखिल किए गए, जिनकी जांच के बाद सभी को वैध पाया गया। इस चुनाव की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नितिन नवीन के प्रस्तावक बने। इससे उनके नेतृत्व पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के विश्वास का स्पष्ट संकेत मिला है।
नामांकन के दौरान भाजपा मुख्यालय में एकजुटता और उत्साह का माहौल देखने को मिला। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नामांकन का पहला सेट रिटर्निंग ऑफिसर को सौंपा। इस अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव और किरेन रिजिजू समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। राज्यों की ओर से समर्थन व्यक्त करने के लिए अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू सहित अनेक प्रदेश इकाइयों के नेता भी दिल्ली पहुंचे थे।
नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के साथ ही भाजपा में एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है। संगठनात्मक अनुभव, जमीनी पकड़ और रणनीतिक कौशल के लिए पहचाने जाने वाले नितिन नवीन से पार्टी को 2029 के लोकसभा चुनाव और आगामी विधानसभा चुनावों में नई दिशा मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर पूर्वी भारत और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में संगठन को और मजबूत करने की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर होगी।
गौरतलब है कि भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव एक व्यवस्थित लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत होता है। इसके लिए राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से बने निर्वाचक मंडल द्वारा चुनाव किया जाता है। उम्मीदवार का कम से कम चार कार्यकाल तक सक्रिय सदस्य होना और पार्टी की न्यूनतम 15 वर्षों की सदस्यता अनिवार्य होती है। इन सभी मापदंडों पर खरे उतरते हुए नितिन नवीन ने निर्विरोध जीत हासिल की है।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि नितिन नवीन के नेतृत्व में पार्टी संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और भाजपा एक बार फिर नए राजनीतिक लक्ष्य की ओर मजबूती से अग्रसर होगी।





