केरल में छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूर की पीट-पीटकर हत्या, CM साय ने घटना को बताया अत्यंत अमानवीय
5 लाख की आर्थिक सहायता का किया ऐलान

रायपुर। केरल के पालक्काड जिले में 17 दिसंबर को छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूर रामनारायण बघेल (31) की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। स्थानीय लोगों ने उन्हें चोरी की घटना के संदिग्ध के रूप में बांग्लादेशी घुसपैठिया समझकर मार दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अत्यंत अमानवीय और दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष नागरिक के साथ इस प्रकार की हिंसा सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार के लिए 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके तहत परिजनों को तत्काल केरल भेजा गया है और रामनारायण बघेल के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक उनके गृह ग्राम करही (सक्ती जिला, छत्तीसगढ़) लाने की व्यवस्था की गई है। पार्थिव शरीर कल हवाई जहाज़ से लाया जाएगा।
साथ ही मुख्यमंत्री साय ने केरल सरकार से आग्रह किया है कि इस जघन्य अपराध में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। छत्तीसगढ़ सरकार पूरी मजबूती से पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।
जानकारी के अनुसार, रामनारायण बघेल 13 दिसंबर को रोज़गार की तलाश में केरल गए थे और एक निर्माण स्थल पर दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम कर रहे थे। चोरी की घटना के बाद संदिग्धों की तलाश के दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें गलत पहचान कर पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच जारी है।





