शीतला माता पूजा में दिखा श्रद्धा और भक्ति का संगम, श्रद्धालुओं में भक्तिभाव के साथ की माता की आराधना

बिलासपुर
गर्मी के दिनों में स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करते हुए, शीतला अष्टमी की पूजा हर साल चैत्र माह की अष्टमी तिथि को श्रद्धापूर्वक मनाई जाती है। इस अवसर पर, श्रद्धालु शीतला माता की आराधना करते हुए उनके आशीर्वाद की प्राप्ति की प्रार्थना करते हैं। पूजा का यह आयोजन विशेष रूप से गर्मी में होने वाली बीमारियों को रोकने और माता को शांत करने के उद्देश्य से किया जाता है।
तीन दिवसीय शीतला अष्टमी पूजा
इस साल भी बिलासपुर के रेलवे क्षेत्र सहित अन्य स्थानों पर शीतला अष्टमी की पूजा धूमधाम से मनाई जा रही है। यह पूजा तीन दिनों तक आयोजित की जाती है, जिसमें अष्टमी, नवमी और दशमी तिथियों के बीच श्रद्धालु विधिपूर्वक पूजा करते हैं। इस पूजा का धार्मिक महत्व भी काफी गहरा है, क्योंकि इसे गर्मी में होने वाले जलजनित रोगों, चेचक और अन्य संक्रामक बीमारियों से सुरक्षा प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
पूजा के दौरान, श्रद्धालु शीतला माता की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा करते हैं। श्रद्धालु पूरे भक्ति भाव से माता की आराधना करते हैं, माथा टेकते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और प्रसाद ग्रहण करते हैं। विशेषकर महिलाएं और बच्चे पूजा में बढ़-चढ़कर शामिल होते हैं, ताकि उन्हें माता का आशीर्वाद मिल सके।
आस्था और परंपरा का प्रतीक
शीतला माता पूजा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हजारों वर्षों पुरानी परंपरा और आस्था का भी प्रतीक है। पूजा के दौरान मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था, और श्रद्धालु भक्तिरस में डूबे हुए नजर आए। इस मौके पर सामूहिक भोग और प्रसाद वितरण भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया।
भक्तों का विश्वास और आशीर्वाद





