मेडिकल कॉलेज में एचआईवी संक्रमित महिला से दुर्व्यवहार, पहचान उजागर करने पर स्टाफ नर्स सहित कई पर केस दर्ज

जगदलपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसव के लिए पहुंची एचआईवी संक्रमित महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार और उसकी पहचान सार्वजनिक करने का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद पुलिस ने स्टाफ नर्स समेत अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला परपा थाना क्षेत्र का है।
पीड़िता का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर और स्टाफ ने उसके एचआईवी संक्रमित होने की जानकारी अन्य लोगों के सामने उजागर कर दी। इस दौरान उसके साथ तंज कसते हुए अपमानजनक व्यवहार किया गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रसव के बाद उससे सफाई का काम कराया गया, जिससे उसे गहरा मानसिक आघात पहुंचा।
परिजनों ने इसे मरीज के अधिकारों और निजता का गंभीर उल्लंघन बताते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने स्टाफ नर्स और अन्य संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में एक सामाजिक संगठन ने भी हस्तक्षेप किया है। संगठन का कहना है कि एचआईवी संक्रमित मरीजों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव अस्वीकार्य है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
गौरतलब है कि भारत में एचआईवी और एड्स (रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम, 2017 के तहत संक्रमित व्यक्ति की पहचान और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी गोपनीय रखना अनिवार्य है। बिना लिखित अनुमति किसी के एचआईवी स्टेटस का खुलासा करना दंडनीय अपराध है। कानून के अनुसार इलाज, भर्ती, प्रसव या अन्य स्वास्थ्य सेवाओं में भेदभाव करना भी प्रतिबंधित है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।





