झारखंड निकाय चुनाव: नामांकन से पहले अलग बैंक खाता अनिवार्य, पारदर्शिता बढ़ाने का बड़ा कदम

 धनबाद। झारखंड में होने वाले आगामी नगर निकाय चुनाव को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त नियम लागू किए हैं। नई नगरपालिका निर्वाचन नियमावली 2026 के तहत मेयर और पार्षद पद के सभी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से एक दिन पहले अलग बैंक खाता खोलना अनिवार्य होगा। यह खाता किसी भी स्थिति में संयुक्त (जॉइंट) नहीं होगा और इसी खाते से चुनाव से जुड़ा पूरा लेन-देन किया जाएगा।

आयोग का कहना है कि इस व्यवस्था का मकसद चुनावी खर्च पर सख्त निगरानी रखना और हर लेन-देन को पारदर्शी बनाना है। प्रचार सामग्री, वाहन खर्च, पोस्टर, बैनर, जनसंपर्क गतिविधियां और अन्य सभी चुनावी खर्च इसी खाते से किए जाएंगे। नकद लेन-देन पर विशेष नजर रखी जाएगी ताकि अवैध खर्च और नियमों के उल्लंघन को रोका जा सके।

निर्देशों के अनुसार उम्मीदवारों को नामांकन के समय अपने बैंक खाते का पूरा विवरण देना होगा। इसमें खाता नंबर, बैंक का नाम, शाखा का नाम और खाते में मौजूद राशि की जानकारी शामिल है। निर्वाचन अधिकारियों को यह अधिकार दिया गया है कि वे नामांकन के समय बैंक खाते की जानकारी की जांच करें। यदि कोई प्रत्याशी नियमों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।

इसके अलावा, इस बार चुनाव में प्रत्याशियों को व्यय लेखा पंजी (एक्सपेंडिचर रजिस्टर) भरना भी अनिवार्य किया गया है। नामांकन के समय ही उम्मीदवारों को यह प्रपत्र दिया जाएगा, जिसमें उन्हें रोजाना अपने खर्च का पूरा ब्यौरा दर्ज करना होगा। जिस दिन कोई खर्च नहीं होगा, उस दिन भी “निल” दर्ज करना जरूरी होगा।

चुनाव आयोग का मानना है कि इन सख्त नियमों से न सिर्फ चुनावी खर्च पर नियंत्रण होगा, बल्कि निकाय चुनावों में निष्पक्षता और विश्वसनीयता भी बढ़ेगी। इससे धनबल के दुरुपयोग पर लगाम लगेगी और आम मतदाताओं का लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसा मजबूत होगा।

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