लोकसभा में अब सीट पर बैठकर ही लगेगी सांसदों की हाजिरी, लॉबी में रहने पर माने जाएंगे अनुपस्थित

दिल्ली। लोकसभा सांसदों के लिए अटेंडेंस सिस्टम में बड़ा बदलाव किया गया है। अब सांसद केवल अपनी निर्धारित सीट पर बैठकर ही उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे। संसद भवन की लॉबी, हॉल या गलियारे में मौजूद रहने पर उनकी हाजिरी नहीं मानी जाएगी। यह नया नियम 28 जनवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र से लागू होगा।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने मंगलवार को लखनऊ में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में इस अहम फैसले की घोषणा की। उन्होंने कहा कि संसद में अनुशासन, गंभीरता और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। उनका मानना है कि हाजिरी सिर्फ परिसर में मौजूद रहने का प्रमाण नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह सदन की कार्यवाही में सांसद की वास्तविक भागीदारी को दर्शाए।
नए सिस्टम के तहत लोकसभा कक्ष में हर सांसद की सीट पर पहले से लगे डिजिटल कंसोल से ही उपस्थिति दर्ज होगी। अगर सांसद अपनी सीट पर नहीं बैठे होंगे, तो उन्हें अनुपस्थित माना जाएगा। हाउस की कार्यवाही के दौरान हंगामा होने या सदन स्थगित होने की स्थिति में भी सांसद अटेंडेंस दर्ज नहीं करा पाएंगे। इससे सदन की कार्यवाही में गंभीरता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
अक्सर देखा जाता है कि विपक्षी सांसद किसी मुद्दे पर विरोध दर्ज कराते हुए सदन की कार्यवाही रोक देते हैं और बाहर लॉबी में रहते हुए भी हाजिरी दर्ज हो जाती थी। अब इस व्यवस्था पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। इससे सांसदों की वास्तविक उपस्थिति और भागीदारी का रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी होगा।
स्पीकर ओम बिरला ने सम्मेलन में यह भी बताया कि संसद और देश की विधानसभाओं में नियमों और संसदीय परंपराओं में एकरूपता लाने के लिए एक समिति गठित की गई है। इसका उद्देश्य सभी विधायी संस्थाओं की कार्यप्रणाली में गुणवत्ता लाना और उन्हें अधिक जवाबदेह बनाना है। उन्होंने कहा कि एक मजबूत, समावेशी और भविष्योन्मुखी विधायिका ही लोकतंत्र की नींव को मजबूत कर सकती है।





