Paddy Procurement Verification: अब कागजी किसान नहीं बेच पाएंगे धान, घर-घर होगी जांच
फर्जी किसानों पर कार्रवाई तय, घर में होगा धान का सत्यापन

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। (Paddy Procurement Verification) वास्तविक किसानों तक खरीदी का लाभ पहुंचे, इसके लिए अब अफसर सीधे किसानों के घर तक पहुंचेंगे। कागजों में किसान बनकर धान बेचने वालों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने घर-घर सत्यापन अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। धान खरीदी के लिए अब सिर्फ गिनती के दिन बचे हैं, लेकिन मौजूदा रफ्तार को देखते हुए तय समय में शत-प्रतिशत खरीदी होना मुश्किल नजर आ रहा है।
धान खरीदी में सख्ती,अफसर पहुंचेंगे किसानों के घर…
इसी बीच यह शिकायतें सामने आई हैं कि कुछ लोग किसान न होते हुए भी बिचौलियों या अन्य किसानों का धान अपने नाम से बेच रहे हैं। इससे न केवल खरीदी व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि असली किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब राजस्व, कृषि और सहकारिता विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से किसानों के घर जाकर सत्यापन करेंगे। अधिकारी यह जांच करेंगे कि किसान के पास वास्तव में धान का भंडारण है या नहीं, कितनी मात्रा में है और क्या वह उसकी घोषित जमीन और उत्पादन से मेल खाता है या नहीं।
धान खरीदी सत्यापन, (Paddy Procurement Verification)
प्रशासन का साफ कहना है कि यदि किसी के घर में धान नहीं पाया गया, तो उसे दूसरे का धान बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस कदम का मकसद धान खरीदी में हो रही गड़बड़ियों पर रोक लगाना और व्यवस्था को पूरी तरह साफ-सुथरा बनाना है। अब देखना होगा कि इस सख्ती से खरीदी प्रक्रिया कितनी पारदर्शी बनती है और क्या इसका सीधा लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंच पाता है।





