सपा और कांग्रेस नेताओं के विवादित बयान से रेप पर सियासी बहस तेज

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में हाल ही में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं के विवादित बयानों ने रेप और महिलाओं की सुरक्षा पर सियासी बहस को और तेज कर दिया है। समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने कहा कि इंटरनेट पर अश्लील सामग्री नौजवानों में टेस्टोस्टेरोन बढ़ाती है, जिससे वे अपनी यौन इच्छाओं पर नियंत्रण नहीं रख पाते और शराब पीने के बाद अपनी पत्नी और बेटी में फर्क करना भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को कड़े कानूनों के तहत दंडित किया जाना चाहिए।
मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि खूबसूरत महिलाएं पुरुषों को “परेशान” कर सकती हैं, जिससे रेप जैसी घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने कुछ सामाजिक और धार्मिक ग्रंथों का हवाला देते हुए यह भी कहा कि कुछ ग्रंथ आध्यात्मिक पुरस्कार के बदले महिलाओं के शोषण की अनुमति देते हैं।
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इन बयानों की निंदा करते हुए कहा कि महिलाओं का अपमान करना इन दलों की पहचान बन गया है और रेप करने वालों का समर्थन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और एसपी के नेता महिलाओं के खिलाफ ऐसे विवादित बयान देकर समाज में असुरक्षा की भावना फैला रहे हैं।
सियासी गलियारों में यह मुद्दा तेजी से गर्माया हुआ है और जनता के बीच महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहस को हवा मिल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे बयानों से न केवल सामाजिक चेतना प्रभावित होती है, बल्कि कानून और व्यवस्था के प्रति भी सवाल खड़े होते हैं।





