इंदौर के दूषित पानी पर सियासत तेज, शुभमन गिल के वाटर प्यूरीफायर को लेकर कांग्रेस का हमला

देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में दूषित पेयजल को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल के मैच के दौरान इंदौर में अपने साथ महंगा वाटर प्यूरीफायर मंगवाने की खबर सामने आने के बाद कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब देश के शीर्ष खिलाड़ी भी शहर के पानी को लेकर चिंतित हैं, तो आम नागरिकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने इस मामले को उठाते हुए कहा कि सबसे स्वच्छ शहर में भी लोग साफ पानी को तरस रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि इंदौर पहुंचते ही शुभमन गिल को महंगे वाटर प्यूरीफायर की जरूरत क्यों पड़ी। उनके अनुसार यह स्थिति शहर में पेयजल व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करती है।
दरअसल, इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दिसंबर 2025 के अंत से दूषित पानी के कारण उल्टी-दस्त का प्रकोप फैलने की शिकायतें सामने आई थीं। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस दौरान कई लोगों की जान गई। सरकार द्वारा अदालत में पेश रिपोर्ट में कुछ मौतों की पुष्टि की गई है, जबकि मेडिकल रिपोर्ट में इससे जुड़ी मौतों की संख्या अधिक होने के संकेत मिले हैं।
प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की बात कही है और दावा किया है कि कुछ मौतें अन्य बीमारियों के कारण भी हुई हैं। हालांकि, विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस पूरे मामले में अपनी जिम्मेदारी से बच रही है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि जिस शहर को स्मार्ट और स्वच्छ मॉडल के रूप में पेश किया जाता है, वहां लोग दूषित पानी पीकर बीमार हो रहे हैं और जान गंवा रहे हैं। उन्होंने इसे शहरी विकास मॉडल की नाकामी बताया और सरकार से जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
राहुल गांधी ने प्रभावित इलाके का दौरा कर मरीजों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि लोगों को साफ पानी उपलब्ध कराना सरकार की मूल जिम्मेदारी है और इस तरह की पेयजल त्रासदी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कांग्रेस ने मांग की है कि पीड़ितों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो।





