शराब घोटाला मामला: सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, अग्रिम जमानत खारिज

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री की उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
सुनवाई के दौरान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने जमानत का कड़ा विरोध किया। जांच एजेंसियों ने कोर्ट को बताया कि यदि आरोपी को राहत दी जाती है तो जांच प्रभावित हो सकती है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की लंबी दलीलें सुनने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
यह मामला करीब 2,000 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शिकायत पर ACB में एफआईआर दर्ज की गई थी। ईडी की जांच में दावा किया गया है कि यह पूरा सिंडिकेट तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में संचालित हुआ, जिसमें वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के तत्कालीन एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर की अहम भूमिका बताई गई है। इस मामले में सौम्या चौरसिया की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया को इससे पहले कोयला लेवी घोटाले में गिरफ्तार किया गया था, जिसमें उन्हें बीते मई महीने में सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी। लेकिन अब शराब घोटाले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं।





