CEO के तबादले पर हाईकोर्ट की रोक, शासन और विभाग से मांगा जवाब

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दुर्ग जिले के जनपद पंचायत पाटन में पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जागेंद्र कुमार के तबादले पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव और जिला पंचायत दुर्ग के सीईओ को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है।

दरअसल, छत्तीसगढ़ शासन के 16 दिसंबर 2025 के आदेश के तहत जागेंद्र कुमार का तबादला सीईओ जनपद पंचायत पाटन से प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी, जिला पंचायत राजनांदगांव के पद पर किया गया था। इस आदेश से आहत होकर जागेंद्र कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति पी. पी. साहू के समक्ष हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी ने दलील दी कि जागेंद्र कुमार का मूल पद सीईओ जनपद पंचायत है, जबकि जिस पद पर उनका तबादला किया गया है वह प्रतिनियुक्ति का पद है। प्रतिनियुक्ति के लिए कर्मचारी की सहमति जरूरी होती है, लेकिन इस मामले में सहमति नहीं ली गई, जो नियमों के खिलाफ है।

अधिवक्ता ने यह भी बताया कि जागेंद्र कुमार ने 27 नवंबर 2024 को ही जनपद पंचायत पाटन में कार्यभार संभाला था और वहां उनका कार्यकाल अभी एक वर्ष से भी कम है। जबकि स्थानांतरण नीति 2025 के अनुसार एक वर्ष से कम अवधि वाले अधिकारियों का तबादला नहीं किया जा सकता।

इसके अलावा यह भी तर्क दिया गया कि जागेंद्र कुमार वर्तमान में सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के रूप में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य में लगे हुए हैं। इस कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले पर शासन द्वारा पहले ही रोक लगाई गई है।

सभी तथ्यों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने जागेंद्र कुमार के तबादले पर अंतरिम रोक लगाते हुए संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया है और जवाब मांगा है। अब मामले की अगली सुनवाई में शासन को अपना पक्ष रखना होगा।

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