‘दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा’, धर्मशाला में छात्रा के सुसाइड केस में UGC का एक्शन; फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाई

दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित सरकारी डिग्री कॉलेज की 19 वर्षीय छात्रा की आत्महत्या के मामले में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने कड़ा रुख अपनाया है। यूजीसी ने इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए एक तथ्य-जांच (फैक्ट-फाइंडिंग) समिति गठित करने का फैसला किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। यूजीसी का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस मामले में पीड़िता की मां का बयान भी सामने आया है। उन्होंने एएनआई से बातचीत में कहा कि वे चाहती हैं कि सभी आरोपियों को पकड़ा जाए और किसी भी बेगुनाह को सजा न मिले। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को न्याय मिलना चाहिए। पीड़िता की मां ने यह भी बताया कि उनकी बेटी सितंबर महीने से बीमार रहने लगी थी, जबकि इससे पहले उसे कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं थी। उन्होंने कहा कि बेटी के सभी मेडिकल टेस्ट कराए गए हैं और उनकी रिपोर्ट उनके पास मौजूद है।
इधर, पुलिस भी इस मामले की जांच में जुटी हुई है। कांगड़ा जिले के एसपी अशोक रतन ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद जांच की गई और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115, 3(5) और 75 के साथ-साथ रैगिंग अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि मृतक छात्रा धर्मशाला की ही निवासी थी।
एसपी ने कहा कि फिलहाल जांच प्रारंभिक चरण में है। फैकल्टी सदस्यों पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों और सहपाठियों पर रैगिंग के आरोपों से जुड़े तथ्यों की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर 20 तारीख को मिली शिकायत में यौन उत्पीड़न का उल्लेख नहीं था, लेकिन जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।





