प्रगति प्लेटफॉर्म से छत्तीसगढ़ में विकास की रफ्तार तेज, भिलाई स्टील प्लांट और लारा पावर प्रोजेक्ट में बड़ा बदलाव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की गति तेजी से बढ़ी है और अब अधूरे काम समय पर पूरे हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार का “प्रगति (PRAGATI) प्लेटफॉर्म” परियोजनाओं की समयबद्ध निगरानी और समाधान के लिए बेहद कारगर साबित हुआ है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसका सीधा फायदा छत्तीसगढ़ को मिल रहा है। भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण से रेल उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है और हजारों युवाओं को रोजगार भी मिला है। इससे राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली है और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती मिली है।
इसके अलावा रायगढ़ जिले में स्थित लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना (1600 मेगावाट) से छत्तीसगढ़ सहित छह राज्यों को लगातार बिजली मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया है, जिससे उद्योग, कृषि और दूसरी गतिविधियों में नई ऊर्जा आई है। लारा पावर प्लांट ने छत्तीसगढ़ की पहचान को “पावर हब ऑफ इंडिया” के रूप में और मजबूत किया है।
उन्होंने बताया कि प्रगति प्लेटफॉर्म के जरिए परियोजनाओं की नियमित समीक्षा होती है और जहां भी दिक्कतें आती हैं, तुरंत समाधान किया जाता है। यही नई कार्यसंस्कृति है—स्पष्ट लक्ष्य, तेज काम और पक्के नतीजे।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई प्रगति की 50वीं बैठक में भी छत्तीसगढ़ की परियोजनाओं पर खास ध्यान दिया गया। देशभर में अब तक 85 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से तेज रफ्तार पकड़ चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भिलाई और लारा जैसी परियोजनाओं की सफलता यह साबित करती है कि प्रगति प्लेटफॉर्म वास्तव में समाधान-आधारित शासन का मॉडल है। इससे प्रदेश में रोजगार, औद्योगिक विकास, निवेश और आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है।
अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि प्रगति प्लेटफॉर्म की मदद से छत्तीसगढ़ विकसित भारत @ 2047 के लक्ष्य में मजबूत और निर्णायक भूमिका निभाता रहेगा।





