मोहन सरकार का नया रोडमैप, निजी क्षेत्र में 2 लाख नौकरियां और 2026 में कृषि-रक्षा-पर्यटन पर फोकस

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को लेकर बड़ा ऐलान किया है। निजी क्षेत्र में करीब दो लाख नई नौकरियां पैदा होंगी, वहीं वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने का संकल्प लिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों की आय बढ़े और राज्य का औद्योगिक व निवेश माहौल और मजबूत हो।
पिछले वर्षों में मध्य प्रदेश ने कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, सिंचाई, उद्योग, ऊर्जा, पर्यटन, स्वास्थ्य, खनन, फार्मा और नवकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2025 को उद्योग और रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया, जबकि अब 2026 में कृषि को केंद्र में रखकर नीतियां लागू की जाएंगी। इसके साथ ही रक्षा उत्पादन, पर्यटन और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।
सरकार के अनुसार, औद्योगिक विकास से रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। बड़े विकास कार्यों और निवेश प्रस्तावों के चलते टेक्सटाइल, नवकरणीय ऊर्जा, खनिज और फार्मा सेक्टर में निवेशकों की रुचि बढ़ी है। औद्योगिक क्षेत्रों के विकास पर भी हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिससे निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
प्रदेश को बीते दो वर्षों में 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से लगभग आठ लाख करोड़ रुपये के निवेश पर काम शुरू हो चुका है। सरकार का जोर निवेश-अनुकूल नीतियों और कुशल युवा कार्यबल पर है। अगले पांच वर्षों में छह प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के अलग-अलग अंचलों में कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
राज्य में 25 लाख एकड़ से अधिक का विकसित लैंड बैंक उपलब्ध है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के तहत एक करोड़ उद्यम पंजीकरण और एमएसएमई की स्थापना पर काम किया जा रहा है। एमएसएमई क्षेत्र से दो करोड़ रोजगार सृजित करने और 61 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
विभिन्न विभागों की निवेश परियोजनाओं से करीब 1.93 लाख रोजगार सृजित होने का अनुमान है। उद्योग, ऊर्जा, नवकरणीय ऊर्जा, खनिज, एमएसएमई, पर्यटन और स्वास्थ्य क्षेत्रों में बड़े निवेश के जरिए राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देने की तैयारी है।





