ग्रीष्मकालीन धान की जगह मक्का अपनाने पर किसानों की सराहना, कृषि विभाग ने जताई संतुष्टि

कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव कृषि उत्पादन शहला निगार ने जिले के विकासखंड आरंग के ग्राम नकटा, चटौद और नरदहा का दौरा कर विभिन्न कृषि योजनाओं के तहत संचालित फसलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेतों में लगी फसलों की स्थिति का जायजा लिया और किसानों से सीधे संवाद कर योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान ग्राम नकटा में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 2.50 हेक्टेयर क्षेत्र में लगी मक्का फसल का अवलोकन किया गया। इसी तरह ग्राम चटौद में बीज ग्राम योजना के तहत 6 हेक्टेयर में गेहूं और 3 हेक्टेयर में चना फसल की स्थिति देखी गई। ग्राम नरदहा में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 40 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का फसल का निरीक्षण किया गया।
ग्राम चटौद में ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर मक्का फसल अपनाने पर कृषि उत्पादन आयुक्त ने प्रसन्नता व्यक्त की और इसे सराहनीय पहल बताया। उन्होंने अन्य ग्रामों के किसानों को भी ग्रीष्मकालीन धान के बजाय मक्का और अन्य वैकल्पिक फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही हरा चारा लगाने पर भी जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को विभिन्न योजनाओं के मापदंडों की विस्तृत जानकारी दें और निर्धारित मानकों के अनुसार प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित करें। उन्होंने पिछले वर्ष के ग्रीष्मकालीन धान, दलहन और तिलहन फसलों के रकबे की जानकारी एकत्र कर उसके आधार पर फसल परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।





