बिलासपुर हाईकोर्ट में सरकार की नई कानूनी टीम, पुराने अधिवक्ताओं की सेवाएं खत्म

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने बिलासपुर हाईकोर्ट में शासन की ओर से पैरवी को मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं की नई नियुक्तियां की हैं। इसके तहत अतिरिक्त महाधिवक्ता, उप महाधिवक्ता, शासकीय अधिवक्ता और उप शासकीय अधिवक्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, पहले से कार्यरत अधिवक्ताओं की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।
सरकार ने साफ किया है कि यह फैसला हाईकोर्ट में प्रभावी और मजबूत पैरवी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
अतिरिक्त महाधिवक्ताओं की नियुक्ति
हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण मामलों की पैरवी के लिए छह वरिष्ठ अधिवक्ताओं को अतिरिक्त महाधिवक्ता बनाया गया है। इनमें प्रवीण दास, आशीष शुक्ला, यशवंत ठाकुर, राजकुमार गुप्ता, गैरी मुखोपाध्याय और शशांक ठाकुर शामिल हैं। ये अधिवक्ता राज्य की ओर से बड़े और अहम मामलों में पैरवी करेंगे।
उप महाधिवक्ता नियुक्त
इसके अलावा आठ वरिष्ठ अधिवक्ताओं को उप महाधिवक्ता की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें संजीव पांडेय, विनय पांडेय, धर्मेश श्रीवास्तव, आनंद दादरिया, डॉ. सौरभ कुमार पांडे, प्रसून कुमार भदुरी, दिलमन रति मिन्ज और सुमित सिंह शामिल हैं। ये हाईकोर्ट में शासन के मामलों की नियमित और तात्कालिक पैरवी करेंगे।
शासकीय और उप शासकीय अधिवक्ता भी नियुक्त
सरकार ने कई अधिवक्ताओं को शासकीय अधिवक्ता और उप शासकीय अधिवक्ता के रूप में भी नियुक्त किया है। ये अधिवक्ता हाईकोर्ट में शासन के पक्ष में मामलों की पैरवी करेंगे और कानूनी सलाह भी देंगे।
सरकार की प्राथमिकता
राज्य सरकार का कहना है कि इन नियुक्तियों का मकसद हाईकोर्ट में शासन की मजबूत और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करना है। सभी नए नियुक्त अधिवक्ताओं को जल्द कार्यभार संभालने और शासन की कानूनी नीतियों के अनुसार काम करने के निर्देश दिए गए हैं।





