सोनिया गांधी का मोदी सरकार पर हमला, मनरेगा को ध्वस्त करने का आरोप

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर मनरेगा योजना को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) दुनिया की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजना थी, जिसे कानूनी गारंटी समाप्त कर, कार्यक्षेत्र सीमित कर और राज्यों पर वित्तीय बोझ बढ़ाकर खतरे में डाला जा रहा है।
सोनिया गांधी ने अपने अखबार लेख में बताया कि मनरेगा एक अधिकार-आधारित कानून था, जो संविधान के अनुच्छेद 41 से प्रेरित था। योजना ग्रामीण गरीबों को रोजगार की गारंटी देती थी और समाज के कमजोर वर्गों पर इसके सकारात्मक प्रभाव रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने बिना किसी चर्चा या परामर्श के इस योजना को खत्म करने के प्रयास किए हैं।
सोनिया गांधी ने कहा कि नए कानून में रोजगार की गारंटी खत्म कर दी गई है, राज्य सरकारों पर वित्तीय बोझ बढ़ाया गया है और कार्यदिवसों की संख्या केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं पर निर्भर करने लगी है। उन्होंने इसे घोर केंद्रीकरण बताया और कहा कि ग्राम सभाओं के अधिकार और स्थानीय योजना बनाने की शक्ति समाप्त कर दी गई है।
सोनिया गांधी ने चेतावनी दी कि मनरेगा का समाप्त होना ग्रामीण भारत के करोड़ों लोगों के लिए विनाशकारी परिणाम लाएगा। उन्होंने कहा कि यह काम करने के अधिकार पर लंबे समय से हो रहे हमलों का हिस्सा है और अब पहले से अधिक यह आवश्यक है कि सभी मिलकर इन अधिकारों की रक्षा करें।





