मनरेगा का नाम बदलने के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, नेहरू चौक में जमकर नारेबाजी

बिलासपुर |मनरेगा योजना का नाम बदलकर ‘जी राम योजना’ किए जाने के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को बिलासपुर के नेहरू चौक में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह गांधी विचारधारा से डरकर मनरेगा का नाम बदल रही है और धीरे-धीरे इस योजना को खत्म करने की साजिश रच रही है।
प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदेश महामंत्री शिल्पी तिवारी ने कहा कि भाजपा सरकार पिछले कई वर्षों से केवल नाम बदलने की राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोजगारी और महिला सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल रही है। शिल्पी तिवारी ने कहा कि हाल ही में हुए संसद के शीतकालीन सत्र में भी महिलाओं की सुरक्षा, मणिपुर हिंसा और छत्तीसगढ़ में बढ़ते अपराधों जैसे मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं हुई।
पूर्व ग्रामीण जिला अध्यक्ष विजय केसरीवानी ने कहा कि भाजपा महात्मा गांधी के विचारों और उनके योगदान को इतिहास से मिटाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान श्रीराम के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि गांधी जी पूरी दुनिया में अहिंसा के प्रतीक रहे हैं।
कांग्रेस शहर अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलने के साथ-साथ इसे खत्म करने की गहरी साजिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि पहले इस योजना में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत थी, जिसे अब घटाकर राज्यों पर ज्यादा बोझ डाल दिया गया है। इससे गरीब राज्यों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा और मजदूरों को काम मिलना बंद हो सकता है।
ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में कांग्रेस सरकार ने ग्रामीण मजदूरों को रोजगार की गारंटी देने के लिए मनरेगा की शुरुआत की थी। आज भाजपा सरकार इस योजना को कमजोर करने का काम कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा से छेड़छाड़ बंद नहीं की गई, तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।





