लखनऊ में मासूम के सिर में लगी गोली, निजी अस्पताल की लापरवाही आई सामने

लखनऊ में एक तीन साल की बच्ची के साथ हुई गंभीर घटना ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छत पर खेल रही मासूम के सिर में गोली लग गई, लेकिन निजी अस्पताल में बिना एक्स-रे और सीटी स्कैन के ही टांके लगाकर उसे घर भेज दिया गया। बाद में हालत बिगड़ने पर ट्रॉमा सेंटर में जांच हुई तो सिर में गोली फंसी होने का खुलासा हुआ।
घटना गाजीपुर थाना क्षेत्र के बस्तौली गांव की है। रमेश की तीन साल की बेटी लक्ष्मी 16 दिसंबर की शाम अपने भाई-बहनों के साथ घर की छत पर टिन शेड के नीचे खेल रही थी। इसी दौरान अचानक तेज आवाज हुई और बच्ची के सिर से खून बहने लगा। परिजन समझ नहीं पाए कि चोट कैसे लगी और तुरंत उसे एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।
परिजनों का आरोप है कि निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने बिना किसी जांच के बच्ची के सिर पर टांके लगाए और ड्रेसिंग कर उसे डिस्चार्ज कर दिया। रात होते-होते बच्ची को तेज दर्द और उल्टियां होने लगीं, जिसके बाद घबराए परिजन उसे ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे।
ट्रॉमा सेंटर में सीटी स्कैन किए जाने पर बच्ची के सिर में गोली फंसी मिली। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी कर गोली को बाहर निकाला। डॉक्टरों के मुताबिक समय पर गोली न निकलने से बच्ची की हालत गंभीर हो सकती थी।
पीड़ित पिता का कहना है कि डॉक्टरों ने अंदेशा जताया है कि गोली टिन शेड से टकराकर बच्ची के सिर में लगी होगी। उन्होंने इस मामले में गाजीपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस का कहना है कि गोली कहां से चली, इसकी जांच की जा रही है। यदि इलाज में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अस्पताल और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल बच्ची का इलाज जारी है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।





