मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का असर, भोपाल-इंदौर में शीतलहर तो ग्वालियर-चंबल में कोहरे की चेतावनी

मध्यप्रदेश में दिसंबर माह के दौरान ठंड ने अपना रिकॉर्ड तोड़ असर दिखाना शुरू कर दिया है। भोपाल, इंदौर और राजगढ़ समेत कई जिलों में शीतलहर का प्रकोप जारी है, जबकि ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में घना कोहरा छाने की संभावना जताई गई है। लगातार गिरते तापमान से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 21 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। सबसे कम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस राजगढ़ में रिकॉर्ड किया गया। भोपाल और इंदौर में भी शीतलहर का प्रभाव लगातार बना हुआ है, जिससे सुबह और रात के समय ठंड ज्यादा महसूस की जा रही है।
प्रदेश के कई इलाकों में दृश्यता भी काफी कम हो गई है। रीवा में सुबह के समय दृश्यता 50 मीटर तक सिमट गई, जबकि सतना, सीधी, ग्वालियर और दतिया में दृश्यता 500 से 1000 मीटर के बीच दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में सुबह के समय कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजस्थान की ओर से आ रही सर्द और शुष्क हवाओं के कारण तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। इसके साथ ही पहाड़ी इलाकों में पड़ रही कड़ाके की ठंड का असर भी प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने बताया है कि अगले एक-दो दिनों में शीतलहर से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन ठंड का असर बना रहेगा। 17 दिसंबर के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर प्रदेश के मौसम पर दिखाई दे सकता है। लोगों को सुबह और रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।





