घने कोहरे का कहर, उत्तर भारत में सड़क से आसमान तक अव्यवस्था

उत्तर भारत में घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। दृश्यता बेहद कम होने के कारण अलग-अलग राज्यों में सड़क हादसे हुए, जिनमें कई लोगों की जान चली गई और दर्जनों घायल हो गए। कोहरे का असर रेल और हवाई यातायात पर भी साफ दिखाई दिया।
उत्तर प्रदेश में कोहरे के चलते कई बड़े हादसे सामने आए। अलग-अलग जगहों पर 30 से ज्यादा वाहन आपस में टकरा गए। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर हमीरपुर के इचौली इलाके में स्लीपर बस और बोलेरो की टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई। हादसे का शिकार हुए लोग प्रयागराज जा रहे थे। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भी एक के बाद एक कई वाहन भिड़ गए, जिसमें बस चालक और एक बाइक सवार की जान चली गई। दुर्घटनाओं के कारण लंबा जाम लगा रहा और यातायात बाधित हुआ।
पंजाब में भी कोहरे ने जानलेवा रूप दिखाया। मोगा जिले में एक कार के पुल से नीचे गिरने से शिक्षक दंपति की मौत हो गई। वहीं दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर कई वाहन आपस में टकराए, हालांकि इन घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई।
राजस्थान में भी कोहरे का असर देखने को मिला। भरतपुर, चित्तौड़गढ़ और दौसा समेत कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम रही। अलग-अलग सड़क हादसों में कई लोग घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घने कोहरे का असर हवाई यात्रा पर भी पड़ा। दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में उड़ानें देरी से संचालित हुईं। कम दृश्यता के चलते विशेष प्रक्रिया के तहत विमानों का संचालन किया गया, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कोहरे की स्थिति बने रहने की चेतावनी दी है और लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।





