इंदौर में भी बनेगी देश की पहली फ्यूचर रेडी, आईटी इंटीग्रेटेड सिटी

इंदौर में देश की पहली फ्यूचर रेडी, आईटी इंटीग्रेटेड सिटी बनाने की तैयारी तेज हो गई है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भोपाल में तीन हजार एकड़ में एआई और आईटी सिटी विकसित कर रहा है, और अब इसी तर्ज पर इंदौर में भी इसका निर्माण किया जाएगा। इंदौर में एक इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर भी बनाया जाएगा, जहां नियमित डेटा संग्रहण और विश्लेषण के लिए केंद्रीय नोडल केंद्र स्थापित किया जाएगा। संभावना है कि इस परियोजना का स्थान सुपर कॉरिडोर क्षेत्र होगा।
जिला विकास समिति की आगामी बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव इस बड़े प्रोजेक्ट की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं। इसी बैठक में पिछले दो वर्षों के विकास कार्यों की समीक्षा और आने वाले दो वर्षों के लिए शहर के विकास एवं यातायात सुधार की योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा होगी। महिलाओं के लिए सुरक्षित शहर, नशा मुक्त अभियान, मास्टर प्लान सड़कें, सीसीटीवी प्रोजेक्ट, स्टार्टअप पार्क, कंवेंशन सेंटर, इकॉनॉमिक कॉरिडोर, हुकमचंद मिल परियोजना, नई रिंग रोड, बायपास और सर्विस रोड जैसे मुद्दे भी बैठक का हिस्सा होंगे।
इंदौर मेट्रो के अंडरग्राउंड हिस्से पर भी निर्णय जल्द होने की उम्मीद है। खजराना से बंगाली चौराहे तक 3.5 किलोमीटर का हिस्सा अंडरग्राउंड बनाया जाएगा, जिस पर लगभग 700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मेट्रो प्रबंधन अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को प्रस्तुत करेगा, जिसमें छोटा गणपति स्टेशन को रखने या हटाने पर भी फैसला लिया जा सकता है।
इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन प्लान का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और इसे गजट नोटिफिकेशन के लिए भेजा गया है। इसका क्षेत्रफल 9989 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें इंदौर, उज्जैन, धार, देवास और शाजापुर जिले शामिल हैं। इसके साथ ही 1756 गांव भी इस क्षेत्र में समाहित किए गए हैं।
सुपर कॉरिडोर पर प्रस्तावित स्टार्टअप पार्क और कंवेंशन सेंटर के लिए आईडीए ने ट्रांजैक्शन एडवाइजर नियुक्त करने हेतु निविदा जारी कर दी है। यह प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर विकसित किया जाएगा।





