छत्तीसगढ़ के 10 गांव अब “मॉडल सोलर विलेज” बनने की ओर — CSPDCL / राज्य सरकार की नई पहल

रायपुर — राज्य सरकार ने घोषणा की है कि छत्तीसगढ़ के 10 गांवों को मॉडल सोलर विलेज (सौर-ऊर्जा आधारित आदर्श गांव) के रूप में विकसित किया जाएगा। योजना के अंतर्गत इन गांवों में सौर ऊर्जा द्वारा बिजली, जल व्यवस्था व अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए आधुनिक संरचनाएं स्थापित की जाएँगी।
इस पहल के लिए 5000 से अधिक आबादी वाले दस ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है, जिन्हें आगामी छह माह की प्रतियोगितात्मक प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इस दौरान इन गांवों में घरेलू व सामुदायिक सोलर प्लांट्स, सोलर स्ट्रीट लाइट्स, सोलर वाटर पंप एवं अन्य नवीकरणीय-ऊर्जा प्रणालियाँ स्थापित करने हेतु आवेदन व जनजागरूकता अभियान चलायेंगे।
हर चयनित गांव में एक “आदर्श ग्राम समिति” गठित की जाएगी — जिसमें सरपंच, सचिव, स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षक-स्वास्थ्यकर्मी, कृषि अधिकारी एवं अन्य सरकारी प्रतिनिधि शामिल होंगे। ये समितियाँ डोर-टू-डोर संवाद करके लोगों को सोलर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी।
छः माह की अवधि के बाद, इन गांवों का मूल्यांकन इस आधार पर किया जाएगा कि कितने सोलर इंस्टालेशन हुए, कितनी सामुदायिक भागीदारी हुई, कितनी सरकार योजनाओं के लिए आवेदन आए और संसाधनों का उपयोग किस हद तक हुआ। मूल्यांकन के बाद सबसे सफल गाँव को पहला “सोलर मॉडल विलेज” घोषित किया जाएगा। उसके लिए विस्तृत डीपीआर राज्य सरकार को भेजा जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण पुनर्विकास, सौर ऊर्जा का प्रचलन, बिजली-सक्षम गांवों का निर्माण और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करना है — जिससे गांवों को स्वच्छ, स्थायी और सशक्त आधार मिले।





