तेंदुए का आतंक: 5 साल के बच्चे की मौत, 8 महीनों में तीसरा हमला

तमिलनाडु। जंगलों के पास रहने वाले लोगों के लिए जंगली जानवरों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। कोयंबटूर जिले के अन्नामलाई पहाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर तेंदुए ने एक मासूम की जान ले ली। 5 वर्षीय सैफुल घर के बाहर खेल रहा था, तभी चाय के बागान से अचानक निकले तेंदुए ने उसे झपट लिया और झाड़ियों की ओर ले भागा। परिवार वालों की चीख-पुकार पर आसपास के लोग इकट्ठा हुए, लेकिन तब तक तेंदुआ बच्चे को काफी दूर ले जा चुका था।
सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीमों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटों की तलाश के बाद सैफुल का शव चाय बागान के अंदर मिला। उसके शरीर पर तेंदुए के दांत और पंजों के गहरे निशान थे। मासूम की मौत की खबर से पूरे इलाके में मातम और गुस्से का माहौल है।
यह घटना वन क्षेत्र के पास रहने वाले ग्रामीणों में भय का बड़ा कारण बनी है, क्योंकि यह पिछले 8 महीनों के भीतर तेंदुए द्वारा तीसरी मौत है। इससे पहले, 11 अगस्त को 8 वर्षीय नूरजिल हक को तेंदुआ उठाकर ले गया था, जिसका शव 30 किलोमीटर दूर मिला था। वहीं 22 जून को 4 साल की रौशिनी भी तेंदुए का शिकार बनी थी।
स्थानीय लोग लगातार प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चाय बागानों में तेंदुओं की संख्या बढ़ने से बच्चों और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना भी खतरनाक हो गया है। वन विभाग की ओर से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए हैं और ड्रोन की मदद से भी तलाशी जारी है।
इस घटना ने फिर साबित कर दिया है कि मानव और वन्यजीव संघर्ष तेजी से बढ़ रहा है और समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।





