पूर्व मिजोरम राज्यपाल स्वराज कौशल का निधन, मुख्यमंत्री साय ने जताया गहरा शोक

रायपुर। मिजोरम के पूर्व राज्यपाल और देश के जाने-माने वरिष्ठ अधिवक्ता स्वराज कौशल के निधन की खबर ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। उनके निधन से न सिर्फ कानूनी जगत, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी गहरा शोक छा गया है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वराज कौशल के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि स्वराज कौशल का सार्वजनिक जीवन में योगदान अमूल्य है और उनकी सेवाओं को देश हमेशा याद रखेगा। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि स्वराज कौशल एक उत्कृष्ट वकील, कुशल प्रशासक और संवेदनशील जनसेवक थे। उनकी दूरदर्शिता, सरल स्वभाव और देश के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक रहेगा।
साय ने कहा कि उनके जाने से देश ने कानून और प्रशासन का एक अनुभवी और सम्मानित व्यक्तित्व खो दिया है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और परिवार को इस कठिन घड़ी में शक्ति प्रदान हो।
स्वराज कौशल पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज के पति थे और उनका राजनीतिक व कानूनी जीवन अत्यंत सक्रिय रहा। वे देश के सबसे कम उम्र के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल बने थे। इसके अलावा 1990 के दशक में उन्होंने मिजोरम के राज्यपाल के रूप में शांति और विकास को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
उनके निधन की खबर मिलते ही देशभर के राजनीतिक दलों, विधि विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। उनका जाना भारतीय विधि व्यवस्था और सार्वजनिक जीवन के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।





