Et af de længst eksisterende offshore-navne er stadig Queenvegas selvom konkurrencen er blevet hård. I sammanställningar av nyare alternativ förekommer Slotser casino som ett av flera mindre kända varumärken. Bland mindre etablerade sajter återfinns Newlucky casino som har en relativt enkel webbplats men ett brett spelutbud. För dem som vill veta mer om sajter utan begränsningar kan man klicka här och bläddra bland alternativen. Among lion-themed brand entries is www.leoncasino.nu which sits alongside several similar names. För spelare som är nyfikna på bonus buy-mekaniken kan man läs mer här för en bredare överblick.

कमिश्नरी प्रणाली के बाद इंदौर-भोपाल में अपराधों में बढ़ोतरी, आंकड़ों ने सरकार के दावों को चुनौती दी

इंदौर और भोपाल में अपराधों पर नियंत्रण के उद्देश्य से लागू की गई पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था असरदार साबित नहीं हो रही है। सरकार भले ही दावा करती रही हो कि कमिश्नरी लागू होने के बाद अपराधों में कमी आई है, लेकिन विधानसभा में प्रस्तुत किए गए आधिकारिक आंकड़े इसके उलट स्थिति दिखा रहे हैं।

मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस विधायक बाला बच्चन को दिए लिखित उत्तर के अनुसार दोनों शहरों में कमिश्नरी लागू होने के बाद अपराधों का ग्राफ बढ़ा है। चोरी, वाहन चोरी, लूट और हत्या जैसे गंभीर अपराधों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

इंदौर में चोरी के मामले दिसंबर 2019 से नवंबर 2020 के 1106 मामलों की तुलना में कमिश्नरी लागू होने के बाद 2490 तक पहुंच गए। वहीं वाहन चोरी 5907 से बढ़कर 12181 हुई। लूट के मामले 125 से 536 तक और हत्या 122 से बढ़कर 265 तक पहुंच गई।

भोपाल में भी इसी तरह के रुझान देखने को मिले। कमिश्नरी लागू होने से पहले चोरी के 1704 मामलों की संख्या अब 4141 हो गई है। वाहन चोरी 2426 से बढ़कर 6465, लूट 79 से 205 और हत्या 92 से बढ़कर 179 तक दर्ज की गई।

महिला अत्याचार के मामलों में भी तेज उछाल देखने को मिला है। इंदौर में ऐसे मामलों में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जहां पहले के दो वर्ष में 2952 मामले दर्ज थे, वहीं कमिश्नरी लागू होने के बाद चार वर्षों में यह संख्या 7569 पहुंच गई। भोपाल में यह संख्या 4530 से बढ़कर 10794 हो गई।

विधानसभा पटल पर प्रस्तुत जानकारी में यह भी सामने आया कि इंदौर और भोपाल में 800 से अधिक आरोपी फरार चल रहे हैं। इसके अलावा करीब 750 से ज्यादा मामलों में पुलिस चालान पेश करने में विफल रही है।

कुल मिलाकर कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने के बाद अपराधों में बढ़ोतरी ने राज्य की कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई