तेरे इश्क में: ‘रांझणा’ बनाने की कोशिश में ये 5 बड़ी गलतियां

‘तेरे इश्क में’ फिल्म के डायरेक्टर आनंद एल. राय ने ‘रांझणा’ की तरह एक कहानी फिर से पर्दे पर लाने की कोशिश की, लेकिन कई ऐसी गलतियां हुईं, जो देखने वालों को चौंका देती हैं। फिल्म में धनुष और कृति सेनन के किरदारों के इर्द-गिर्द कहानी घूमती है, लेकिन कई लॉजिक और किरदारों की कमजोरियों के कारण फिल्म पूरी तरह प्रभावी नहीं बन पाई।
फिल्म की कहानी में कई ट्रैक्स हैं, जिसमें शंकर और मुक्ति की रोमांटिक कहानी, शंकर के पिता की व्यक्तिगत जिंदगी, एयरफोर्स पायलट की कहानी शामिल है। इन सभी कहानियों के बीच फिल्म का पहला घंटा काफी नीरस प्रतीत होता है। शंकर, जो दिल्ली यूनिवर्सिटी में लॉ पढ़ रहा है, और मुक्ति, जो पीएचडी कर रही है, के किरदारों को पर्याप्त रूप से विकसित नहीं किया गया।
टाइटल सॉन्ग का सही उपयोग नहीं किया गया और फिल्म के इंटेंस सीन में इसे प्रभावशाली ढंग से शामिल नहीं किया गया। शंकर के लॉ स्टूडेंट होने के बावजूद UPSC जैसी सामान्य जानकारी का अभाव भी कहानी में खामियां दर्शाता है। कृति सेनन के किरदार में भी विरोधाभास है; एक साइकोलॉजिस्ट होने के बावजूद खुद मानसिक तनाव में हैं।
कुल मिलाकर, फिल्म में कई कमजोरियां हैं और इसे देखने के लिए दर्शकों को लॉजिक से दूरी बनानी पड़ेगी। ‘तेरे इश्क में’ बॉक्स ऑफिस पर सफल रही, लेकिन कहानी और किरदारों के दृष्टिकोण से यह ‘रांझणा’ जैसी प्रभावशाली फिल्म साबित नहीं हुई।





