बिलासपुर स्टेशन पर आठ दिन बाद मिली दो साल की मासूम अंशिका, संदिग्ध महिला छोड़ कर हुई थी गायब

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से आठ दिन पहले लापता हुई दो साल की मासूम अंशिका आज बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित मिली और उसके माता-पिता को सौंप दी गई। अंशिका 21 नवंबर को रायपुर रेलवे स्टेशन के पास से गायब हुई थी। घटना के समय उसके पिता प्रशांत भट्ट, जो डोंगरगढ़ के रहने वाले हैं, अपनी पत्नी से झगड़कर नशे की हालत में घर से निकले थे और स्टेशन पर इधर-उधर भटक रहे थे।
परिवार के अनुसार, उसी दौरान बच्ची अचानक गायब हो गई। CCTV फुटेज में एक संदिग्ध महिला बच्ची को गोद में लेकर ले जाती दिखाई दी, लेकिन महिला का चेहरा स्पष्ट नहीं था। इसके अलावा स्टेशन के पास निर्माण कार्य के कारण कई कैमरे बंद थे या हटाए गए थे, जिससे पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिल सका।
मासूम अंशिका की तलाश में रेलवे पुलिस, आरपीएफ और चाइल्ड हेल्पलाइन ने मिलकर कार्य किया। जांच में पता चला कि संदिग्ध महिला ने बच्ची को 23 नवंबर को बिलासपुर रेलवे स्टेशन में छोड़ दिया था। वहां से आरपीएफ ने अंशिका को चाइल्ड हेल्पलाइन के हवाले किया। पूछताछ में बच्ची की पहचान हुई और उसके माता-पिता का पता लगाया गया।
आज बच्ची को उसके माता-पिता को सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि मासूम अंशिका सुरक्षित लौट आई है और उसे कोई चोट या परेशानी नहीं हुई। मामले में आरोपी महिला की पहचान और उसके मकसद का पता लगाया जा रहा है।
इस घटना ने छत्तीसगढ़ में लोगों को एक बार फिर से सतर्क किया कि बच्चों की सुरक्षा पर हमेशा ध्यान देना जरूरी है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत स्थानीय पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए ताकि समय पर बच्ची को सुरक्षित लौटाया जा सके।





