IAS टीना डाबी ने किया गजब काम, देश के लिए बनी मिसाल; 2025 के दौरान बाड़मेर को यह सम्मान मिला

दिल्ली। IAS अधिकारी टीना डाबी ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता और नवाचारपूर्ण सोच से पूरे देश में मिसाल कायम कर दी है।
राजस्थान के बाड़मेर की जिला कलेक्टर के रूप में उन्होंने जो काम किया, उसके लिए उन्हें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया है। रेगिस्तान जैसे जल-संकटग्रस्त क्षेत्र में पानी बचाने और संरक्षण की उनकी मुहिम ने पूरे जिले की तस्वीर बदल दी है। इसी उपलब्धि के चलते बाड़मेर को पहला जल संचय जन भागीदारी (JSJB) पुरस्कार मिला है, जिसने टीना डाबी की प्रतिष्ठा को और ऊंचा कर दिया।
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2025 के दौरान बाड़मेर को यह सम्मान मिला। ‘कैच द रेन व्हेयर इट फॉल्स, व्हेन इट फॉल्स’ अभियान के तहत वर्षा जल संचयन और सामुदायिक भागीदारी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिले को 2 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि टीना डाबी ने आधुनिक तकनीक के साथ-साथ पारंपरिक जल संरचनाओं तालाब, पोखर, बावड़ी और छतों पर जल संचयन का व्यापक पुनरुद्धार कराया।
बाड़मेर जैसे इलाके में, जहाँ पानी बूंद-बूंद करके भी नहीं मिलता, वहां हजारों संरचनाओं का निर्माण और जीर्णोद्धार कर उन्होंने असंभव को संभव बना दिया। यही कारण है कि देशभर में यह मॉडल अब प्रेरणा बन रहा है।
यह पहली बार नहीं है जब टीना डाबी को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया हो। UPSC में 22 साल की उम्र में टॉपर बनने से लेकर LBSNAA में स्वर्ण पदक प्राप्त करने तक, उन्होंने लगातार अपने काम और प्रतिभा से नई मिसालें गढ़ी हैं। उनकी UPSC मार्कशीट भी उनकी मेधा का प्रमाण है। 1063 अंक, जिनमें राजनीति विज्ञान में शानदार प्रदर्शन प्रमुख रहा।
भोपाल में जन्मी टीना, माता-पिता और बहन के साथ दिल्ली आईं, वहीं उन्होंने UPSC का सपना देखा और उसे साकार किया। आज वह पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। यह साबित करते हुए कि सही दिशा और संकल्प से रेगिस्तान में भी विकास की नदियाँ बहाई जा सकती हैं।





