रायगढ़ में धार्मिक भावना भड़काने वाला वीडियो मामला: मुख्य आरोपी के दो साथी भी गिरफ्तार, वीडियो बनाकर वायरल किया था

रायगढ़ में गुरु घासीदास बाबा को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी वाले वीडियो मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी विजय राजपूत को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका था, लेकिन उसके साथ वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर फैलाने वाले दोनों साथी लंबे समय से पुलिस से बचते फिर रहे थे। सोमवार को चक्रधर नगर थाना क्षेत्र की टीम ने दोनों को दबोचकर न्यायिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद जेल भेज दिया।
यह पूरा मामला 30 अक्टूबर की रात सामने आया था, जब सिंधी कॉलोनी निवासी विजय राजपूत ने शराब के नशे में गुरु घासीदास बाबा के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही थीं। उसने सिग्नल चौक पर अभद्र टिप्पणी करते हुए वीडियो भी बनवाया। वीडियो जैसे ही वायरल हुआ, सतनामी समाज में आक्रोश फैल गया और प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर सख्त कार्रवाई की मांग की।
शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल मुख्य आरोपी विजय राजपूत को गिरफ्तार किया और उसका जुलूस निकालते हुए मामले की गंभीरता को स्पष्ट किया। जांच के दौरान विजय ने बताया कि उसका वीडियो पक्की खोली सिंधी कॉलोनी निवासी अमित आहुजा (35) और गुलमोहर कॉलोनी निवासी मुकेश कुमार नारवानी (51) ने बनाया और आगे वायरल किया था। दोनों के खिलाफ स्पष्ट संलिप्तता सामने आने पर पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन वे लगातार फरार होते रहे।
लगातार दबाव के बाद अंततः सोमवार को दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। पुलिस ने बताया कि फर्जी वीडियो बनाने और धार्मिक भावना भड़काने का प्रयास गंभीर अपराध है, इसलिए मामले की जांच तेज की गई थी। दोनों को पकड़ने के बाद चक्रधर नगर थाना पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री पोस्ट या वायरल करने वालों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि धार्मिक और सामाजिक सौहार्द को तोड़ने वाली किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे मामलों को समय रहते रोका जा सके।





