वंदे मातरम् के 150 साल पूरे: देशभर में जश्न, छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया सामूहिक गायन

रायपुर। आज देशभर में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ बड़े उत्साह और गर्व के साथ मनाई गई। छत्तीसगढ़ में भी इस ऐतिहासिक अवसर पर कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया और देशभक्ति का माहौल बना।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि ‘वंदे मातरम्’ मातृभूमि के प्रति प्रेम और कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज पूरा देश एक स्वर में मातृभूमि की वंदना कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि मां भारती की आराधना और स्वतंत्रता की प्रेरणा है। यह गीत आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना आज़ादी के समय था। उन्होंने बताया कि इस मौके पर स्मारक सिक्का, डाक टिकट और ‘वंदे भारत पोर्टल’ (vandematram150.in) भी लॉन्च किया गया, जिसके ज़रिए देशवासी अपनी आवाज़ में ‘वंदे मातरम्’ रिकॉर्ड कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि 7 नवम्बर 1875 को बंकिमचंद्र चटर्जी ने यह अमर रचना की थी, जो आगे चलकर स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा बन गई। उन्होंने कहा कि यह गीत राष्ट्रीय एकता, आत्मसम्मान और मातृभूमि की दिव्यता का प्रतीक है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में आयोजित ‘वंदे मातरम्’ की छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि यह प्रदर्शन नई पीढ़ी को आज़ादी के संघर्ष और राष्ट्रगीत की प्रेरक भूमिका से परिचित कराएगी।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें और इसे भारत माता तथा छत्तीसगढ़ महतारी को समर्पित करें।





