नवा रायपुर के ब्लू वाटर खदान में डूबे दो छात्रों के शव मिले, 36 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित ब्लू वाटर खदान में डूबे दो छात्रों के शव आखिरकार 36 घंटे की मशक्कत के बाद बरामद कर लिए गए। यह दर्दनाक हादसा 31 अक्टूबर की शाम को हुआ था, जब टाटीबंध के छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल के नौ छात्रों का एक समूह स्कूल बंक कर घूमने निकला था। उसी दौरान दो छात्र—जयेश साहू और मृदुल—नहाने के लिए पानी में उतरे और गहरे हिस्से में डूब गए।
जानकारी के अनुसार, दोनों छात्र 10वीं कक्षा में पढ़ते थे। खदान का पानी गहराई में अचानक बढ़ जाने के कारण वे वापस नहीं निकल पाए। उनके दोस्तों ने जब उन्हें पानी में संघर्ष करते देखा, तो शोर मचाया और आसपास के लोगों से मदद मांगी, लेकिन इलाके में सुनसान होने के कारण तत्काल कोई सहायता नहीं मिली।
माना थाना पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद SDRF की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। रात में अंधेरा बढ़ने के कारण अभियान रोकना पड़ा। शनिवार (1 नवंबर) को जयेश का शव और रविवार (2 नवंबर) को मृदुल का शव बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार, 2017 से अब तक इस ब्लू वाटर खदान में डूबने से 9 लोगों की जान जा चुकी है। यह खदान बारिश के बाद तालाब का रूप ले लेती है, जहां नीला और गहरा पानी होने के कारण स्थानीय लोग अकसर नहाने या घूमने चले जाते हैं। बावजूद इसके, प्रशासन की ओर से अब तक यहां किसी भी प्रकार की चेतावनी पट्टिका, सुरक्षा बाउंड्री या गार्ड की व्यवस्था नहीं की गई है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खदान क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा न हों। फिलहाल दोनों छात्रों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए हैं और पूरे इलाके में मातम का माहौल है।





