भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर मुख्यमंत्री साय बोले – “उनका जीवन संघर्ष और देशभक्ति की मिसाल”

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को राजधानी रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित जनजाति गौरव दिवस और भगवान बिरसा मुंडा जी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यशाला में भाग लिया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, त्याग और देशभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने जनजातीय समाज को एकजुट कर ब्रिटिश शासन के खिलाफ आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में पहली बार भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। प्रधानमंत्री ने उनके जन्मदिन को जनजाति गौरव दिवस के रूप में मनाने का फैसला लेकर पूरे आदिवासी समाज को गर्व का अनुभव कराया है।
साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार जनजातीय समाज के विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और परंपरागत संसाधनों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है।
कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय संगठक वी. सतीश ने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास” तभी पूरा होगा जब समाज के हर वर्ग को समान अवसर मिलेगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने बताया कि आने वाले दिनों में पूरे राज्य में जनजातीय गौरव यात्राएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि भगवान बिरसा मुंडा के विचार हर व्यक्ति तक पहुंच सकें।
अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव ने कहा कि भाजपा ने हमेशा जनजातीय समाज को सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि आज देश के सर्वोच्च पद पर जनजातीय समाज की बेटी- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का होना, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनजातीय सशक्तिकरण का उदाहरण है।
कार्यक्रम के अंत में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही जनजातीय संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान को लेकर विशेष सत्र आयोजित किए गए।





