राजधानी में 100 से अधिक लेडी डॉन सक्रिय: मर्डर, ब्लैकमेलिंग और मानव तस्करी में शामिल

भोपाल। भोपाल में महिला अपराधियों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। शहर की 100 से अधिक महिलाएं चोरी, धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग, मानव तस्करी और हत्या जैसे संगीन अपराधों में सक्रिय हैं। पुलिस के अनुसार, ये महिलाएं आदतन अपराधी हैं और पकड़े जाने के बाद भी अपराध करना नहीं छोड़ती।
ऐशबाग की रज्जो पर 19 मामले दर्ज हैं। रज्जो उर्फ रजिया खान के गिरोह में पांच से अधिक महिला चोर शामिल हैं। उन पर शहर के कई थानों में मामले दर्ज हैं।
यशिका पटेल ने गोविंदपुरा इलाके में 16 सितंबर को एक युवक की पिटाई कर दी थी। उसका वीडियो भी वायरल हुआ। यशिका ने खुद को लेडी डॉन बताते हुए युवक को धमकाया और मोबाइल पर कॉल कर कहा था कि “तू खुदकुशी कर ले, नहीं तो मैं मार दूंगी।” हर्ष श्रीवास नामक युवक ने शिकायत दर्ज कराई।
महक यादव अरेरा कॉलोनी में रहती है और मानव तस्करी, सेक्स रैकेट संचालन, अपहरण जैसी अपराधों में शामिल है। फरवरी में अशोका गार्डन पुलिस ने नाबालिग को अपहरण कर देह व्यापार में धकेलने के आरोप में महक को गिरफ्तार किया।
काजल और रीना जोगी सगी बहनें हैं, जो ज्वेलरी शॉप में चोरी करती हैं। इनके खिलाफ विभिन्न थानों में पांच से अधिक मामले दर्ज हैं और पुलिस इन्हें निगरानी में रखती है।
सुधा श्रीवास हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की कुख्यात गांजा तस्कर है। जमानत मिलने के बाद भी वह फिर से गांजे की तस्करी में सक्रिय हो जाती है।
सीहोर की तनु शंकत को भी क्राइम ब्रांच ने भोपाल में गांजे के 7.540 किलोग्राम के साथ पकड़ा।
एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच शैलेंद्र सिंह चौहान के अनुसार, पुराने शहर में सबसे अधिक महिला अपराधी सक्रिय हैं। पिछले चार साल में केवल क्राइम ब्रांच ने 70 से अधिक महिला अपराधियों को गिरफ्तार किया। थानों की बात करें तो इस अवधि में 200 से अधिक महिला अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
भोपाल में लेडी डॉन तेजी से संगठित हो रही हैं और मर्डर, ब्लैकमेलिंग, मानव तस्करी और अन्य संगीन अपराधों में सक्रिय हैं, जिससे पुलिस के लिए चुनौती बढ़ गई है।





