पत्रकारिता विश्वविद्यालय में लागू हुआ चुनौती मूल्यांकन, शुल्क केवल 1000 रुपये

रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय ने अपनी 63वीं कार्यपरिषद की बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। इसमें सबसे अहम निर्णय चुनौती मूल्यांकन की व्यवस्था लागू करने का रहा। पहले यह व्यवस्था रायपुर विश्वविद्यालय में 2500 रुपये शुल्क पर लागू थी, जबकि पत्रकारिता विश्वविद्यालय ने इसे केवल 1000 रुपये तय किया है। इसके साथ ही पुनर्गणना के लिए 50 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है।

बैठक में पाठ्यक्रमों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप और अधिक उन्नत बनाने पर जोर दिया गया, ताकि प्रदेश के प्रतिभावान छात्रों को इसका लाभ मिल सके। विश्वविद्यालय की प्रशासनिक प्रक्रियाओं को डिजिटल तकनीक से जोड़ने के लिए लैपटॉप और कंप्यूटर सिस्टम खरीदने की स्वीकृति भी दी गई।

छात्रों को अब पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना के परिणामों से असंतुष्ट होने पर चुनौती मूल्यांकन के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा। उपसमिति के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए यह शुल्क निर्धारित किया गया है। इससे छात्रों को उनके परिणामों की पारदर्शी जांच का मौका मिलेगा और शैक्षणिक संतुष्टि बढ़ेगी।

कार्यपरिषद ने विश्वविद्यालय के षष्ठम दीक्षांत समारोह को जनवरी 2026 में आयोजित करने की स्वीकृति दी। साथ ही गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के समयमान वेतनमान को भी कार्योत्तर स्वीकृति दी गई, जिससे कर्मचारियों के हितों को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में छात्रहित और डिजिटल प्रगति पर भी जोर दिया गया। पाठ्यक्रमों को और समृद्ध बनाने, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज करने और छात्रों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए गए। ये निर्णय विश्वविद्यालय को आधुनिक और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

इस तरह, पत्रकारिता विश्वविद्यालय ने चुनौती मूल्यांकन और डिजिटल सुधारों के माध्यम से शिक्षा में पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाया है।

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