74 करोड़ रुपये की सड़क 74 दिन भी न चली, पहली बारिश में ही खुली पोल
सड़क निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

देवभोग। एनएच 130 मदांगमुड़ा से देवभोग उड़ीसा बॉर्डर तक बनी सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लगभग 74 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह सड़क निर्माण के कुछ माह बाद ही पहली बारिश में बह गई। इसके बाद कई हिस्सों में दरारें और डामर टूटने की घटनाएं सामने आईं, जिससे निर्माण में प्रयुक्त सामग्री और तकनीकी मानकों पर संदेह पैदा हो गया।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि NHAI द्वारा किया गया निर्माण कार्य बेहद घटिया था। सड़क निर्माण के महज तीन माह में इसका खराब होना मानक प्रक्रिया और गुणवत्ता की अनदेखी को दर्शाता है। ग्रामीणों ने सामान्य प्रशासन विभाग को बिंदुवार शिकायत दर्ज करने की योजना बनाई है।
शिकायतों में मुख्य बिंदु यह हैं कि सड़क निर्माण के लिए निर्धारित 12 मीटर भूमि अधिग्रहण का पालन नहीं किया गया। मुड़ागांव और चिचिया में गरीबों के घर और शौचालय तोड़े गए, जबकि रसूखदारों के घरों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। शहर क्षेत्र में प्रस्तावित पार्किंग टाइल्स का निर्माण नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है, और इसमें लगातार दरारें पड़ रही हैं। यह घटना निर्माण गुणवत्ता, निगरानी और जिम्मेदारी की गंभीर कमी को उजागर करती है।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसे निर्माण कार्य से आम जनता की सुरक्षा और सुविधा प्रभावित होती है। उन्होंने NHAI और संबंधित अधिकारियों से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और सड़क की मरम्मत सुनिश्चित करने की मांग की है। जनता की निगरानी और शिकायतों के बावजूद सड़क की स्थिति बदतर होती जा रही है, जो प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाती है।
सड़क की वर्तमान स्थिति से यह स्पष्ट है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई, जिससे भारी निवेश का फायदा जनता तक सही तरीके से नहीं पहुंच सका।





