भारत 5वीं जनरेशन के विमान का इंजन अमेरिका से लेगा, 14 हजार करोड़ की डील; GE 80 प्रतिशत तकनीक देगा

दिल्ली। भारत की विमानन क्षमताओं को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) के बीच GE-414 जेट इंजन को लेकर डील अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। यह इंजन भारत के स्वदेशी 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) में लगाया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, इस सौदे की कीमत लगभग 14 हजार करोड़ रुपये है और GE ने 80% तकनीकी ट्रांसफर देने की सहमति भी जताई है। इंजन का उत्पादन भारत में ही होगा। फिलहाल HAL ने 10 इंजन खरीद लिए हैं ताकि AMCA का विकास कार्य जारी रहे। योजना के मुताबिक AMCA को भारतीय वायुसेना और नेवी में तैनात किया जाएगा, हालांकि यह विमान 2035 तक उपलब्ध हो सकेगा।
वहीं, सरकार ने वायुसेना को और मजबूत करने के लिए अगस्त में 97 तेजस LCA MK1 विमानों की खरीद को मंजूरी दी थी। इस पर 66,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे पहले 83 तेजस का ऑर्डर पहले से ही HAL के पास है। इस सौदे के तहत GE-113 इंजन खरीदे जा रहे हैं। इनमें से दो तेजस विमान अक्टूबर में वायुसेना को सौंपे जाएंगे।
तेजस फाइटर को शॉर्ट रेंज से लेकर बियोंड विजुअल रेंज की मिसाइलों से लैस किया गया है। इनकी परीक्षण उड़ानें सफल हो चुकी हैं। HAL की तीन उत्पादन लाइनें बेंगलुरु और नासिक में चल रही हैं, जबकि एक और लाइन बनाई जा रही है। इसके बाद HAL सालाना 24 तेजस विमान तैयार कर सकेगी।
रक्षा सूत्रों ने बताया कि 8500 करोड़ रुपये में तेजस MK1 के लिए 113 इंजन खरीदे जाएंगे। GE ने भरोसा दिया है कि मौजूदा टैरिफ वॉर का असर इस सौदे पर नहीं पड़ेगा। इससे पहले 2021 में 99 F-404 इंजन का सौदा हुआ था। इस तरह अब तक अमेरिका से 14 हजार करोड़ के 212 इंजन की डील हो चुकी है।





