बीरगांव में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाने वालों को नोटिस, 45 दिन की मोहलत
नहीं लगाने पर निगम 60 लाख राजसात कर स्वयं लगाएगा सिस्टम

रायपुर। बीरगांव में गिरते भूजल स्तर को लेकर नगर निगम सख्त हो गया है। वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाने वाले 1498 मकान स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है। निगम ने इन्हें 45 दिन का समय दिया है। तय समय में सिस्टम नहीं लगाने पर निगम इनकी करीब 60 लाख रुपए की अमानत राशि राजसात कर खुद सिस्टम लगवाएगा।

वर्तमान में निगम ने 7.35 लाख रुपए राजसात कर 115 मकानों में स्वयं वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया है। प्रदेश में 1500 स्क्वायर फीट से बड़े मकानों में यह सिस्टम लगाना अनिवार्य है। बीरगांव निगम के 28 हजार मकानों में से 4725 मकान इस दायरे में आते हैं। इनमें 3227 मकानों में काम पूरा हो चुका है, जबकि 1498 में अब भी सिस्टम नहीं लगा है।
निगम अधिकारियों के अनुसार, बीरगांव का बड़ा हिस्सा ड्राय एरिया है और गर्मियों में जलसंकट आम समस्या है। पहले यहां कई इलाकों में पानी की सप्लाई टैंकरों से होती थी। निगम के पास 12 टैंकर हैं, लेकिन हर साल एक करोड़ रुपए से अधिक का टेंडर प्राइवेट टैंकरों के लिए जारी करना पड़ता है। वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लागू होने से भूजल स्तर में सुधार और टैंकरों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
बीरगांव नगर निगम आयुक्त युगल किशोर उर्वसा ने कहा, कि “बीरगांव में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य है। जिन्होंने अब तक नहीं लगाया, उन्हें नोटिस भेजा जा रहा है। समय सीमा में सिस्टम नहीं लगाने पर राशि राजसात कर निगम स्वयं लगाएगा।”





