मलेशिया में लापता दीपक तंबोली पुलिस हिरासत में, भारत लाने की कोशिशें तेज

बिलासपुर। मलेशिया में लापता बताए जा रहे बिलासपुर निवासी दीपक तंबोली को लेकर अब एक बड़ा खुलासा हुआ है। दीपक लापता नहीं, बल्कि मलेशिया की पुलिस हिरासत में है। यह जानकारी दीपक के पिता को एक फोन कॉल के जरिए मिली, जिसके बाद परिवार और प्रशासन में हड़कंप मच गया।
वीजा खत्म होने पर हुई गिरफ्तारी
हालांकि दीपक की गिरफ्तारी की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है, लेकिन शुरुआती जानकारी के अनुसार माना जा रहा है कि उसका वीजा खत्म हो चुका था, जिस कारण उसे स्थानीय पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
मानसिक स्थिति ठीक नहीं
परिजनों और प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, दीपक की मानसिक स्थिति पिछले कुछ सालों से ठीक नहीं थी। करीब तीन साल पहले उसका इलाज छत्तीसगढ़ के एक मानसिक रोग विशेषज्ञ से कराया गया था। परिवार का कहना है कि वह कभी-कभी असामान्य व्यवहार करता था। इस बात को ध्यान में रखते हुए अब छत्तीसगढ़ पुलिस और विदेश मंत्रालय दीपक को भारत लाने के प्रयास कर रहे हैं।
नौकरी की तलाश में गया था मलेशिया
29 वर्षीय दीपक तंबोली 31 मई 2025 को नौकरी की तलाश में मलेशिया के क्वालालंपुर गया था। शुरुआत में वह घरवालों के संपर्क में था और 18 जुलाई तक बातचीत होती रही। लेकिन इसके बाद से उसका कोई संपर्क नहीं हो पाया। उसका फोन ऑन था, लेकिन कॉल या मैसेज का कोई जवाब नहीं मिल रहा था।
बैंक पासबुक की जांच में पता चला कि 18 जुलाई तक वह एटीएम से पैसे निकाल रहा था, जिससे संकेत मिला कि वह उस समय तक एक्टिव था।
परिजनों ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी
दीपक के अचानक लापता होने पर उसके परिवार ने बिलासपुर सिटी कोतवाली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मामला होने के कारण उनकी भूमिका सीमित थी।
मामले की जानकारी मिलते ही बिलासपुर सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर दीपक की खोज और वापसी की मांग की। इसके बाद विदेश मंत्रालय और मलेशिया स्थित भारतीय दूतावास ने सक्रियता दिखाई।
भारत वापसी की प्रक्रिया जारी
अब यह पुष्टि हो चुकी है कि दीपक मलेशिया पुलिस की हिरासत में है। उसे भारत लाने के लिए कानूनी और मेडिकल आधार पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परिजन बहुत चिंतित हैं और सरकार से उम्मीद कर रहे हैं कि दीपक को जल्द से जल्द भारत वापस लाया जाए।





